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Kanpur News: जीसीसी के सहयोग से अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी प्रदेश सरकार
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आईआईटी समिट में उपस्थित अतिथि।
- फोटो : संगठन
कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार अब अर्थव्यवस्था और यूपी स्टार्टअप को मजबूत करने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) का सहयोग लेगी। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के साथ ही बेहतर माहौल दिया जाएगा। यह निर्णय आईआईटी में चल रही जीसीसी इनोवेशन समिट में हुई बैठक में लिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव प्लानिंग आलोक कुमार, निवेश यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद के साथ आईआईटी कानपुर एलुमिनाई एसोसिएशन, बेंगलुरू चैप्टर के मेंटर, आईआईटी कानपुर और जीसीसी के सदस्य शामिल थे। हालांकि, जीसीसी के सदस्यों ने निवेश के दौरान उनकी जमीन और फंड की सुरक्षा की शर्त रखी है।
जीसीसी स्टार्टअप्स को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से काम करती है। यह गुजरात, कर्नाटक, हैदराबाद, एनसीआर के बाद अब यूपी में भी दस्तक देने की तैयारी में है। इसी क्रम में आईआईटी में हुए कार्यक्रम में शामिल होने आए प्रमुख सचिव प्लानिंग आलोक कुमार के साथ हुई बैठक में पूरी जानकारी दी गई। स्टार्टअप मास्टर क्लास के चेयरपर्सन जय शंकर शर्मा ने कहा कि सरकार को 25 जीसीसी की लिस्ट सौंपी गई है। यह हेल्थकेयर सेक्टर, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाइचेन पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से बंगलुरू में जीसीसी को मिल रहे सरकारी सहयोग पर भी चर्चा की गई। आलोक कुमार ने अच्छे माहौल का आश्वासन दिलाया है। पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आईआईटी के नोएडा सेंटर में खोले जाने की तैयारी है।
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वहीं, आईआईटी के टेक्नोपार्क परिसर में शुरू हुए इस समिट में 150 से अधिक स्टार्टअप, 20 वेंचर कैपिटल फंड, 25 फॉर्च्यून 500 जीसीसी और 30 शीर्ष शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रो. अमेय करकरे ने कहा कि यह सम्मेलन अकादमी, उद्योग और निवेशकों को एक मंच पर लाकर भारत के डीप-टेक भविष्य की राह खोलेगा। निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि आईआईटी कानपुर का शोध अब उद्योग और स्टार्टअप्स से जुड़कर व्यावहारिक समाधान देगा। समिट के दौरान 14 उच्च स्तरीय पैनल चर्चा और स्टार्टअप पिच सेशन भी होंगे।
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बैठक में प्रमुख सचिव प्लानिंग आलोक कुमार, निवेश यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद के साथ आईआईटी कानपुर एलुमिनाई एसोसिएशन, बेंगलुरू चैप्टर के मेंटर, आईआईटी कानपुर और जीसीसी के सदस्य शामिल थे। हालांकि, जीसीसी के सदस्यों ने निवेश के दौरान उनकी जमीन और फंड की सुरक्षा की शर्त रखी है।
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जीसीसी स्टार्टअप्स को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से काम करती है। यह गुजरात, कर्नाटक, हैदराबाद, एनसीआर के बाद अब यूपी में भी दस्तक देने की तैयारी में है। इसी क्रम में आईआईटी में हुए कार्यक्रम में शामिल होने आए प्रमुख सचिव प्लानिंग आलोक कुमार के साथ हुई बैठक में पूरी जानकारी दी गई। स्टार्टअप मास्टर क्लास के चेयरपर्सन जय शंकर शर्मा ने कहा कि सरकार को 25 जीसीसी की लिस्ट सौंपी गई है। यह हेल्थकेयर सेक्टर, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाइचेन पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से बंगलुरू में जीसीसी को मिल रहे सरकारी सहयोग पर भी चर्चा की गई। आलोक कुमार ने अच्छे माहौल का आश्वासन दिलाया है। पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आईआईटी के नोएडा सेंटर में खोले जाने की तैयारी है।
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वहीं, आईआईटी के टेक्नोपार्क परिसर में शुरू हुए इस समिट में 150 से अधिक स्टार्टअप, 20 वेंचर कैपिटल फंड, 25 फॉर्च्यून 500 जीसीसी और 30 शीर्ष शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रो. अमेय करकरे ने कहा कि यह सम्मेलन अकादमी, उद्योग और निवेशकों को एक मंच पर लाकर भारत के डीप-टेक भविष्य की राह खोलेगा। निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि आईआईटी कानपुर का शोध अब उद्योग और स्टार्टअप्स से जुड़कर व्यावहारिक समाधान देगा। समिट के दौरान 14 उच्च स्तरीय पैनल चर्चा और स्टार्टअप पिच सेशन भी होंगे।