Kanpur: ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ा स्पंज...महिला की मौत, उर्सला अस्पताल में सामने आई बड़ी लापरवाही
Kanpur News: उर्सला के निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि रोगी को आठ जून को अस्पताल में भर्ती किया गया। मरीज का गाल ब्लैडर का ऑपरेशन नौ जून को हुआ। सात दिन रोगी भर्ती रही और 16 जून को डिस्चार्ज कर दिया उसके बाद वह संबंधित डॉक्टर के पास कोई तकलीफ लेकर नहीं आई।
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कानपुर के उर्सला अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन करने के दौरान एक डॉक्टर ने महिला के पेट में पट्टी छोड़ दी। पेट में दर्द होने पर महिला ने दूसरे निजी अस्पताल में दिखाया। यहां ऑपरेशन के बाद उसके पेट से पट्टी निकली। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने कोतवाली में डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है।
यशोदानगर में देवकी नगर निवासी रऊफ खान की पत्नी बुशरा बानो (40) के पथरी होने पर उर्सला में दिखाया था। यहां पर नौ जून को एक डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद पत्नी को छुट्टी दे दी गई, लेकिन पेट में दर्द बना रहने पर उसे शारदा नगर के एक निजी अस्पताल में परिजनों ने डॉक्टर को दिखाया।
यहां एमआरआई कराने पर पूर्व में किए गए ऑपरेशन के दौरान पेट में पट्टी छूट जाने की बात पता चली। इसके बाद शारदा नगर के एक निजी हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने महिला के पेट से निकली। लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। निजी अस्पताल के संचालक ने बताया कि महिला के पेट से पट्टी निकली है।
पीड़ित ने कोतवाली में दी थी तहरीर
उसने करीब दो माह पहले उसला में पथरी का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद से उसे तकलीफ बनी रही। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने पर उसके बिल माफ कर दिए गए हैं। वहीं पीड़ित ने कोतवाली में मामले की तहरीर दी। उर्सला के निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि रोगी को आठ जून को अस्पताल में भर्ती किया गया।
कानपुर जिलाधिकारी को जांच के आदेश
मरीज का गाल ब्लैडर का ऑपरेशन नौ जून को हुआ। सात दिन रोगी भर्ती रही और 16 जून को डिस्चार्ज कर दिया उसके बाद वह संबंधित डॉक्टर के पास कोई तकलीफ लेकर नहीं आई। फिर भी मामले की जांच के बाद कार्रवाई होगी। बता दें कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले में कानपुर जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।