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आईआईटी कानपुर का बड़ा फैसला, पढ़ाई में कमजोर छात्र को निष्कासित करने से पहले मिलेगा स्पेशल मौका

Thu, 17 Jan 2019 12:42 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 17 Jan 2019 12:42 PM IST
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Special program for weak students in studies in IIT kanpur
कानपुर आईआईटी
पढ़ाई में कमजोर आईआईटीयंस को इंस्टीट्यूट से निकालने से पहले उन्हें एक स्पेशल मौका दिया जाएगा। ऐसे छात्रों के लिए कानपुर आईआईटी प्रशासन ने अकादमिक पुनरुत्थान कार्यक्रम (एआरपी) चलाने का फैसला लिया है।
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बुधवार को इंस्टीट्यूट प्रशासन ने इस बाबत प्रोफेसरों की एक समिति का गठन किया है, जो पुनरुत्थान कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेगी। इसकी अध्यक्षता इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राहुल वर्मन करेंगे। सदस्य के तौर पर प्रो. हरीश कार्निक, प्रो. सुधीर मिश्रा, प्रो. सुचित्रा माथुर, प्रो. एसएसके अय्यर, प्रो. सत्यदेव नंदकुमार को शामिल किया गया है।
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स्टूडेंट सीनेट और एसयूजीसी से भी एक-एक नामित सदस्य होगा। इस कमेटी को निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने अप्रैल 2019 तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। कमेटी को उन्होंने इस प्रोग्राम के स्कोप को देखने, इसके अकादमिक स्ट्रक्चर को तैयार करने और प्रोग्राम को सुचारू रूप से संस्थान में लागू करने का ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा है।
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Special program for weak students in studies in IIT kanpur
कानपुर आईआईटी
चलेंगी स्पेशल कक्षाएं, इन बातों पर रहेगा ख्याल
- इस प्रोग्राम के तहत शुरू से ही ऐसे छात्रों पर नजर रखी जाएगी जिनका शैक्षणिक स्तर कमजोर होगा।
- ऐसे छात्रों की जरूरत के अनुसार काउंसिलिंग की जाएगी।
- कमजोर विषय को चिह्नित करके उनके लिए स्पेशल क्लास चलाई जाएगी।
- छात्रों को अगर भाषायी दिक्कत है तो उन्हें उन्हीं के भाषा में पढ़ाने व समझाने की कोशिश होगी।

18 आईआईटीयन निकाले गए, कई पर रडार
हाल ही में नियमों के तहत पढ़ाई में कमजोर 18 छात्रों को निस्कासित किया गया है, जबकि करीब 100 से अधिक छात्र ऐसे हैं, जो इस बार तो बच गए लेकिन अगर उनमें कोई सुधार नहीं हुआ, तो वह भी निकाले जा सकते हैं। ऐसे में यह स्थिति दोबारा न बने, इसलिए इन छात्रों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी है।
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