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एसपी ने चलवाई रामभक्तों पर लाठियां
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:00 AM IST
सार
-परंपरागत रूट पर जा रही थी झाकि यां, निष्क्रियता बरतने का आरोप
-डीएम, एसपी की मानसिकता सपाई, जुलूस में नहीं निभाई रस्म
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डेमो
विस्तार
रामनवमी जुलूस में बवाल के लिए हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनकी कई बार पूरे दिन बैठक हुई। मुख्यमंत्री योगी तक शिकायत किए जाने रणनीति बनाई जा रही है। जिले के सभी विधायकों से संपर्क किया है।
कोतवाली के बगल में शीतला मंदिर में गुरुवार को हिंदू संगठनों और व्यापारियों की बैठक हुई। बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक वीरेंद्र पांडेय ने बैठक कर बताया कि वह घटना के वक्त खुद मौजूद थे। उनके साथ सराफा कारोबारी पप्पन रस्तोगी समेत तमाम रामभक्त मौजूद थे। उनमें महिलाएं भी शामिल रही हैं। उन्होंने कहा कि झाकि यां जुलूस में शामिल होने के बाद पिछले साल भी मुराइनटोला के रास्ते ही गई थीं।
जुलूस खत्म होने के बाद यह रास्ता शार्टकट है। इसके बाद सीओ सिटी समरबहादुर ने एसपी उमेश कुमार सिंह से झांकियां ले जाने के बारे में पूछा। व्यापारियों से हुज्जत की बात सुन एसपी खफा हो गए। प्रशासन के कहने पर डीजे भी बंद कराकर दूसरे रूट पर खड़ा करा दिया गया। मामला पूरी तरह से शांत हो चुका था। इसी दौरान एसपी भी पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने रामभक्तों को अपशब्द कहे और लाठी चार्ज कराने के आदेश दिए।
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पुलिस फोर्स ने बेकसूर लोगों पर लाठियां चलाई। रामनवमी जुलूस में गत सालों में बाकरगंज चौकी पर लगने वाले पंडाल में डीएम, एसपी मौजूद रहते थे। वे राम की झांकी में पूजा-अर्चना भी करते थे। इस मर्तबा ऐसा कुछ नहीं हुआ। डीएम कोतवाली में बैठी रहीं और रामभक्तों को पीटने का आदेश दिया। जिले के अधिकारियों की मानसिकता सरकार बदलने के बाद नहीं बदल पाई है। इसी वजह से घटना हुई है। प्रांतीय संयोजक ने बताया कि सभी विधायकों से बातचीत की गई है। देर शाम तक सीएम से मिलने का निर्णय लिया जाएगा और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की जाएगी।
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कोतवाली के बगल में शीतला मंदिर में गुरुवार को हिंदू संगठनों और व्यापारियों की बैठक हुई। बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक वीरेंद्र पांडेय ने बैठक कर बताया कि वह घटना के वक्त खुद मौजूद थे। उनके साथ सराफा कारोबारी पप्पन रस्तोगी समेत तमाम रामभक्त मौजूद थे। उनमें महिलाएं भी शामिल रही हैं। उन्होंने कहा कि झाकि यां जुलूस में शामिल होने के बाद पिछले साल भी मुराइनटोला के रास्ते ही गई थीं।
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जुलूस खत्म होने के बाद यह रास्ता शार्टकट है। इसके बाद सीओ सिटी समरबहादुर ने एसपी उमेश कुमार सिंह से झांकियां ले जाने के बारे में पूछा। व्यापारियों से हुज्जत की बात सुन एसपी खफा हो गए। प्रशासन के कहने पर डीजे भी बंद कराकर दूसरे रूट पर खड़ा करा दिया गया। मामला पूरी तरह से शांत हो चुका था। इसी दौरान एसपी भी पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने रामभक्तों को अपशब्द कहे और लाठी चार्ज कराने के आदेश दिए।
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पुलिस फोर्स ने बेकसूर लोगों पर लाठियां चलाई। रामनवमी जुलूस में गत सालों में बाकरगंज चौकी पर लगने वाले पंडाल में डीएम, एसपी मौजूद रहते थे। वे राम की झांकी में पूजा-अर्चना भी करते थे। इस मर्तबा ऐसा कुछ नहीं हुआ। डीएम कोतवाली में बैठी रहीं और रामभक्तों को पीटने का आदेश दिया। जिले के अधिकारियों की मानसिकता सरकार बदलने के बाद नहीं बदल पाई है। इसी वजह से घटना हुई है। प्रांतीय संयोजक ने बताया कि सभी विधायकों से बातचीत की गई है। देर शाम तक सीएम से मिलने का निर्णय लिया जाएगा और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की जाएगी।