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सीएसजेएमयू की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 16 जुलाई से, 17 दिन में होंगी खत्म, 25 अगस्त को आएगा परिणाम
Fri, 11 Jun 2021 01:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 11 Jun 2021 01:08 PM IST
सार
सीएसजेएमयू की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होंगी। हर विषय का एक ही पेपर होगा। सवाल बहुविकल्पीय होंगे। परीक्षाएं 17 दिन चलेंगी और 25 अगस्त को परिणाम जारी कर दिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी और उससे संबद्ध कॉलेजों की स्नातक और परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होंगी। हर विषय का एक ही पेपर होगा। सवाल बहुविकल्पीय होंगे। परीक्षाएं 17 दिन चलेंगी और 25 अगस्त को परिणाम जारी कर दिया जाएगा।
इसके बाद नया सत्र एक सितंबर से शुरू हो जाएगा। यह फैसला विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति ने गुरुवार को लिया है। विवि में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अगुवाई में हुई परीक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि अंतिम वर्ष में दो विषय होते हैं और उसमें तीन-तीन पेपर होते हैं।
कोरोना की वजह से सत्र वैसे ही लेट चल रहा है। इस वजह से निर्णय लिया गया कि एक विषय का एक ही पेपर कराया जाए। कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडे, महामंत्री डॉ. अवधेश सिंह ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि तीन पेपरों के प्रश्नों को एक पेपर में समाहित करना छात्रों के साथ धोखा है। यह परीक्षा के नाम पर खानापूरी है।
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हालांकि कुलपति का कहना है कि शासन की ओर से मंजूरी मिल गई है। वहीं, निर्णय लिया कि 2020 में फेल होने वाले जिन छात्रों ने बैक पेपर के लिए आवेदन किया था, उनको बैक पेपर नहीं देना है। उन सभी छात्रों को प्रमोट कर दिया जाएगा। परीक्षा समिति मेें रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. बीडी पांडे, डॉ. अवधेश सिंह, प्रो. नंदलाल मौजूद रहे।
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इसके बाद नया सत्र एक सितंबर से शुरू हो जाएगा। यह फैसला विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति ने गुरुवार को लिया है। विवि में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अगुवाई में हुई परीक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि अंतिम वर्ष में दो विषय होते हैं और उसमें तीन-तीन पेपर होते हैं।
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कोरोना की वजह से सत्र वैसे ही लेट चल रहा है। इस वजह से निर्णय लिया गया कि एक विषय का एक ही पेपर कराया जाए। कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडे, महामंत्री डॉ. अवधेश सिंह ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि तीन पेपरों के प्रश्नों को एक पेपर में समाहित करना छात्रों के साथ धोखा है। यह परीक्षा के नाम पर खानापूरी है।
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हालांकि कुलपति का कहना है कि शासन की ओर से मंजूरी मिल गई है। वहीं, निर्णय लिया कि 2020 में फेल होने वाले जिन छात्रों ने बैक पेपर के लिए आवेदन किया था, उनको बैक पेपर नहीं देना है। उन सभी छात्रों को प्रमोट कर दिया जाएगा। परीक्षा समिति मेें रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. बीडी पांडे, डॉ. अवधेश सिंह, प्रो. नंदलाल मौजूद रहे।