{"_id":"c00beaaccefc5c2e3ec28dde14aa4eaf","slug":"sony-got-rani-laxmi-bai-award-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेसहारा सोनी को ‘रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेसहारा सोनी को ‘रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 11 Apr 2015 03:18 AM IST
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बेसहारा सोनी को प्रदेश सरकार ने ‘रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया है। सोनी को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मिला है। उसे यह एवार्ड 29 मार्च 2015 को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिया। पुरस्कार में सर्टीफिकेट और एक लाख रुपये का चेक मिला है।
सोनी राजकीय बालिका आश्रम स्वरूप नगर में रहने वाली साधारण सी लड़की है। सोनी बचपन से लेकर अब तक बड़ी बहन रुचि के साथ यूपी के कई अनाथालयों में रही। सोनी आईपीएस आफीसर बनना चाहती हैं। सोनी बताती है कि उसे ठीक से याद नहीं है पर वह गाजियाबाद में परिवार के साथ रहती थी।
करीब तीन साल की थी। जब बड़ी बहन रुचि के साथ घर के बाहर निकली और खो गई। दोनो को बेसहारा मान कर मेरठ के बालिका आश्रम में भेज दिया गया। उसके बाद गाजियाबाद भेजी गई। सन् 2011 में दोनों को स्वरूप नगर आश्रम भेज दिया गया। जहां बहन रुचि पढ़ लिख कर बालिग हुई।
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बालिग होने के कारण वह संस्था से निकल चुकी है और अब शहर की एक पैथोलॉजी में अच्छा जॉब कर सोनी का हौसला बढ़ा रही है। सोनी ने बताया वह जनवरी 2015 में बालिग हुई है। शहर के एक डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम की छात्रा है। आश्रम में रह कर पढ़ाई पूरी करना चाहती है।
उसे 10वीं में 62 व 12वीं में 71 फीसदी नंबर मिले थे। उसकी इस उपलब्धि में डीपीओ आशुतोष, अधीक्षक नीलम वर्मा और संस्था की अन्य शिक्षिकाओं और बड़ी बहन का विशेष योगदान है। संस्था ने उसे एवार्ड में मिले एक लाख रुपये की एफडी करा दी है ताकि उसे आगे पढ़ाई में मदद मिल सके। फिलहाल उसकी पढ़ाई का खर्चा दो समाजसेवी उठा रहे हैं।
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सोनी राजकीय बालिका आश्रम स्वरूप नगर में रहने वाली साधारण सी लड़की है। सोनी बचपन से लेकर अब तक बड़ी बहन रुचि के साथ यूपी के कई अनाथालयों में रही। सोनी आईपीएस आफीसर बनना चाहती हैं। सोनी बताती है कि उसे ठीक से याद नहीं है पर वह गाजियाबाद में परिवार के साथ रहती थी।
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करीब तीन साल की थी। जब बड़ी बहन रुचि के साथ घर के बाहर निकली और खो गई। दोनो को बेसहारा मान कर मेरठ के बालिका आश्रम में भेज दिया गया। उसके बाद गाजियाबाद भेजी गई। सन् 2011 में दोनों को स्वरूप नगर आश्रम भेज दिया गया। जहां बहन रुचि पढ़ लिख कर बालिग हुई।
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बालिग होने के कारण वह संस्था से निकल चुकी है और अब शहर की एक पैथोलॉजी में अच्छा जॉब कर सोनी का हौसला बढ़ा रही है। सोनी ने बताया वह जनवरी 2015 में बालिग हुई है। शहर के एक डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम की छात्रा है। आश्रम में रह कर पढ़ाई पूरी करना चाहती है।
उसे 10वीं में 62 व 12वीं में 71 फीसदी नंबर मिले थे। उसकी इस उपलब्धि में डीपीओ आशुतोष, अधीक्षक नीलम वर्मा और संस्था की अन्य शिक्षिकाओं और बड़ी बहन का विशेष योगदान है। संस्था ने उसे एवार्ड में मिले एक लाख रुपये की एफडी करा दी है ताकि उसे आगे पढ़ाई में मदद मिल सके। फिलहाल उसकी पढ़ाई का खर्चा दो समाजसेवी उठा रहे हैं।