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कोरोना का कहर: बेटा पत्नी के साथ होम आइसोलेट, वृद्ध मां की मौत, कोई झांकने नहीं आया
Sun, 25 Apr 2021 12:18 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 25 Apr 2021 12:18 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के साकेत नगर में रहने वाले एलआईसी एजेंट और उनकी पत्नी संक्रमित होने के बाद घर में ही आइसोलेट हो गईं। इस बीच देखरेख के अभाव में शनिवार को उनकी वृद्ध मां की मौत हो गई। उन्होंने पड़ोसियों से मां का अंतिम संस्कार कराने की गुहार लगाई, पर कोई झांकने नहीं आया।
बाद में किदवई नगर निवासी उनके दोस्त मददगार बनकर सामने आए। सुभाष इंटर कॉलेज के पास किराये पर रहने वाले एलआईसी एजेंट जय सुख (67) और उनकी पत्नी मंजुलाबेन शाह (62) 19 अप्रैल को संक्रमित हो गए थे, तब से वे घर में ही हैं। मां मनकुबेर बेन (94) को संक्रमण से बचाने के लिए दोनों एक कमरे में ही सीमित होकर रह गए।
सुबह उनकी मौत हो गई। उन्होंने कोविड कमांड सेंटर फोन लगाया लेकिन मां के अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं बन पाई। उनके दोस्त रुचिर मेहता ने जयश मोदी, धर्मेंद्र मोदी और देवांश की मदद से वृद्धा का भगवतदास घाट पर अंतिम संस्कार कराया।
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बाद में किदवई नगर निवासी उनके दोस्त मददगार बनकर सामने आए। सुभाष इंटर कॉलेज के पास किराये पर रहने वाले एलआईसी एजेंट जय सुख (67) और उनकी पत्नी मंजुलाबेन शाह (62) 19 अप्रैल को संक्रमित हो गए थे, तब से वे घर में ही हैं। मां मनकुबेर बेन (94) को संक्रमण से बचाने के लिए दोनों एक कमरे में ही सीमित होकर रह गए।
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सुबह उनकी मौत हो गई। उन्होंने कोविड कमांड सेंटर फोन लगाया लेकिन मां के अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं बन पाई। उनके दोस्त रुचिर मेहता ने जयश मोदी, धर्मेंद्र मोदी और देवांश की मदद से वृद्धा का भगवतदास घाट पर अंतिम संस्कार कराया।
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