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coronavirus: राजस्थान से घर पहुंचा बेटा, कोरोना जांच के लिए मां ने बुलाई एंबुलेंस, खुद ले गई अस्पताल
Sat, 18 Apr 2020 06:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 18 Apr 2020 06:55 PM IST
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राजस्थान से लौटा बेटा तो मां कोरोना की जांच कराने के लिए लेकर पहुंची अस्पताल
- फोटो : amar ujala
देशव्यापी लॉकडाउन के बीच कई दिनों बाद राजस्थान के भरतपुर से बेटा सकुशल घर लौटा तो वृद्ध मां की आंख नम हो गई। एक पल तो लगा गले से लगा लें, बेटे को किसी तरह की दिक्कत भी नहीं थी फिर याद आया कि खुद, परिवार व बेटे की सलामती के लिए कोरोना जांच जरूरी है।
मां ने 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुला ली और खुद बेटे को जांच कराने अस्पताल पहुंच गई। बुजुर्ग मां की जागरूकता देख स्वास्थ्य कर्मियों ने भी सराहना की। डेरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ट्रक ड्राइवर है। वह कानपुर नगर से खाली ट्रक लेकर राजस्थान के भरतपुर में पैक्ड तेल लेने जाया करता है।
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मां ने 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुला ली और खुद बेटे को जांच कराने अस्पताल पहुंच गई। बुजुर्ग मां की जागरूकता देख स्वास्थ्य कर्मियों ने भी सराहना की। डेरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ट्रक ड्राइवर है। वह कानपुर नगर से खाली ट्रक लेकर राजस्थान के भरतपुर में पैक्ड तेल लेने जाया करता है।
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कोरोना वायरस के चलते पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया तो वह भी फंस गया। कई दिनों बाद वह शुक्रवार को ट्रक लेकर कानपुर पहुंचा और ट्रांसपोर्ट में खड़ा कर दिया। वहां से किसी तरह देर शाम गांव पहुंचा। घर के दरवाजे पर पहुंचते ही बेटे को सकुशल देख वृद्ध मां की आंस छलछला गई।
कई दिनों से दूर कलेजे के टुकड़े को देखा तो सीने से लगाने का मन किया, लेकिन फिर महामारी का ध्यान आते ही बेटे को घर के अंदर लाने के बजाय बाहर ही रोक दिया। बेटे को समझाया कि खुद व परिवार की सलामती के लिए जांच जरूरी है। इसके बाद मां ने फोन कर एंबुलेंस बुलाई और बेटे के साथ डेरापुर सीएचसी पहुंच गई।
वहां पर जांच की सुविधा न होने से युवक को जिला अस्पताल अकबरपुर रेफर कर दिया गया। दोपहर मेें युवक का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. आरए मिर्जा ने बताया कि युवक का सैंपल जांच लेकर कानपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने तक उसे क्वारंटीन किया गया है।
कई दिनों से दूर कलेजे के टुकड़े को देखा तो सीने से लगाने का मन किया, लेकिन फिर महामारी का ध्यान आते ही बेटे को घर के अंदर लाने के बजाय बाहर ही रोक दिया। बेटे को समझाया कि खुद व परिवार की सलामती के लिए जांच जरूरी है। इसके बाद मां ने फोन कर एंबुलेंस बुलाई और बेटे के साथ डेरापुर सीएचसी पहुंच गई।
वहां पर जांच की सुविधा न होने से युवक को जिला अस्पताल अकबरपुर रेफर कर दिया गया। दोपहर मेें युवक का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. आरए मिर्जा ने बताया कि युवक का सैंपल जांच लेकर कानपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने तक उसे क्वारंटीन किया गया है।