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अगर आप भी चहते हैं बिजली के बिल में कटौती तो अपनाएं ये तरीका, हैरान रहे जाएंगे
Fri, 08 Feb 2019 01:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 08 Feb 2019 01:10 PM IST
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शहर में 143 सोलर पैनल के उपभोक्ता, नेट मीटर से सीधे ग्रिड से जुड़े, सौर ऊर्जा प्लांट से न सिर्फ शहरवासियों नेे बिजली बचाने की आदत डाली बल्कि इस प्लांट से उनका धन भी बच रहा है। फैक्ट्रियों से लेकर घरों में सोलर पैनल लगाने वाले अधिकतर लोग फायदे में हैं।
रूफटॉप सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का वह इस्तेमाल कर रहे हैं। जरूरत से ज्यादा होने पर इसे ग्रिड को देते हैं। इसका हिसाब नेट मीटर से होता है। ग्रिड को दी जाने वाली बिजली की यूनिट केस्को के बिजली बिल से कम की जाती है। 143 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो नेट मीटर से सोलर पैनल का इस्तेमाल कर सीधे ग्रिड से जुड़े हैं।
पनकी में कानपुर प्लास्टिक पैक फैक्ट्री में 506 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है। रोजाना दो हजार यूनिट बिजली उत्पादित होती है। जरूरत 2800 यूनिट की है। दो हजार यूनिट बिजली का खर्च कम होने से हर महीने करीब साढ़े चार लाख रुपये बिजली बिल कम हुआ। कंपनी के उप प्रबंध निदेशक शशांक अग्रवाल ने बताया सोलर पैनल लगाने से उपभोक्ता को फायदे हैं।
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रूफटॉप सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का वह इस्तेमाल कर रहे हैं। जरूरत से ज्यादा होने पर इसे ग्रिड को देते हैं। इसका हिसाब नेट मीटर से होता है। ग्रिड को दी जाने वाली बिजली की यूनिट केस्को के बिजली बिल से कम की जाती है। 143 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो नेट मीटर से सोलर पैनल का इस्तेमाल कर सीधे ग्रिड से जुड़े हैं।
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पनकी में कानपुर प्लास्टिक पैक फैक्ट्री में 506 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है। रोजाना दो हजार यूनिट बिजली उत्पादित होती है। जरूरत 2800 यूनिट की है। दो हजार यूनिट बिजली का खर्च कम होने से हर महीने करीब साढ़े चार लाख रुपये बिजली बिल कम हुआ। कंपनी के उप प्रबंध निदेशक शशांक अग्रवाल ने बताया सोलर पैनल लगाने से उपभोक्ता को फायदे हैं।
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गोविंद नगर के एफ ब्लॉक कृष्णा पार्क के अनिल कुमार मल्होत्रा ने घर में आठ किलोवाट का सोलर पैनल लगाया। मार्च महीने में पैनल लगा था और अक्तूबर तक रीडिंग नहीं हुई थी। वह आठ से 10 हजार रुपये महीने का औसत बिल देते थे।
नेट मीटर में यूनिट सेव हो रही थी। नवंबर से नियमित रीडिंग हुई और बिल 40 फीसदी तक कम आया। नेट मीटर में सेव होने से केस्को पर उनका 35 हजार रुपये का अतिरिक्त बिल निकला। तिलक नगर के मयंक खन्ना ने बताया कि उनके तिलक नगर के मकान में 10 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है।
पहले हर महीने करीब 30 हजार का बिल आता था, जो घटकर 15 से 16 हजार हुआ है। सोलर एनर्जी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के अनुभव अच्छे हैं। जहां नए पैनल लगे हैं और रीडिंग नहीं हुई। उसे जल्दी कराएंगे। सोलर एनर्जी का पूरा रिकॉर्ड उपभोक्ताओं के घर में लगे नेट मीटर में है। नियमित रीडिंग होने पर केस्को बिल समायोजित करेगा।
नेट मीटर में यूनिट सेव हो रही थी। नवंबर से नियमित रीडिंग हुई और बिल 40 फीसदी तक कम आया। नेट मीटर में सेव होने से केस्को पर उनका 35 हजार रुपये का अतिरिक्त बिल निकला। तिलक नगर के मयंक खन्ना ने बताया कि उनके तिलक नगर के मकान में 10 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है।
पहले हर महीने करीब 30 हजार का बिल आता था, जो घटकर 15 से 16 हजार हुआ है। सोलर एनर्जी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के अनुभव अच्छे हैं। जहां नए पैनल लगे हैं और रीडिंग नहीं हुई। उसे जल्दी कराएंगे। सोलर एनर्जी का पूरा रिकॉर्ड उपभोक्ताओं के घर में लगे नेट मीटर में है। नियमित रीडिंग होने पर केस्को बिल समायोजित करेगा।