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खंडग्रास सूर्य ग्रहण 21 जून को होगा, जानिए किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा
Thu, 18 Jun 2020 05:27 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 18 Jun 2020 05:27 PM IST
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खंडग्रास सूर्य ग्रहण 2020
- फोटो : अमर उजाला
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खंडग्रास सूर्य ग्रहण आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या यानी 21 जून को होगा। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा, यानी चन्द्रमा पूरी तरह से सूर्य को नहीं ढंक पाएगें। करीब 30 सेकंड के लिए ही चन्द्रमा सूर्य के बड़े भाग को कवर करेंगे।
अंत में सूर्य का आखिरी हिस्सा एक चमकती हुई रिंग के समान नजर आएगा। यह ग्रहण मृगशिरा एवं आद्रा नक्षत्र तथा मिथुन राशि मन्डल पर मान्य हैं। अतः इन राशि नक्षत्र वालों कों ग्रहण दर्शन नहीं करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य आचार्य विष्णु महाराज ने बताया कि इस ग्रहण का यम सूतक 20 जून यानी शनिवार को रात्रि 10:09 बजे सें मान्य होंगा। सूतक के दौरान पूजा-अर्चना वर्जित रहेगी। ग्रहण का स्पर्श 21 जून को दिन में 10:09 बजे लगेगा और दोपहर 01:36 बजे समाप्त होगा।
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ग्रहण काल के दौरान करें जाप
ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ भगवान शिव और विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। सूतक काल में देवी देवताओं की मूर्तियां न छुएं, सूतक काल से ही गर्भवती महिलाओं को कटाई, सिलाई से बचना चाहिए। सूतक काल से पहले खाने-पीने की वस्तुओं में तुलसी दल अवश्य डालें।
जानिए राशियों पर प्रभाव
मेष, सिंह, कन्या, मकर राशि के लिए यह ग्रहण शुभ है। वहीं वृषभ, तुला, धनु, कुंभ राशि के लिए सामान्य मध्यम फल देने वाला है। मिथुन, कर्क, वृश्चिक, मीन राशि के लिए यह ग्रहण अशुभ है।
यह ग्रहण भारत वर्षीय भूभाग के अलावा म्यांमार, दक्षिणी रूस, मंगोलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, कोरिया, जापान इंडोनेशिया, पूर्वी आस्ट्रेलिया, नेपाल,पाकिस्तान आदि में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा।
यह सूर्य ग्रहण महिला, नवविवाहिता, कन्या, विवाह योग्य बालक-बालिका, उधोगपति, मन्त्री, धर्म नेता आदि पर भी प्रभार सूचक दर्शन योग्य नहीं है। वहां ग्वार, ज्वार, मक्का, तेल, कपास, रूई, बाजरा, मूंग, मोठ, मूंगफली, बिनौला, जूठ, चावल, बारदाना, मूल, केसर, पुस्तक, पत्र-पत्रिका, प्रकाशन आदि वस्तु कार्य व्यवसाय के लिए लाभप्रद बनेगा।
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अंत में सूर्य का आखिरी हिस्सा एक चमकती हुई रिंग के समान नजर आएगा। यह ग्रहण मृगशिरा एवं आद्रा नक्षत्र तथा मिथुन राशि मन्डल पर मान्य हैं। अतः इन राशि नक्षत्र वालों कों ग्रहण दर्शन नहीं करना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य आचार्य विष्णु महाराज ने बताया कि इस ग्रहण का यम सूतक 20 जून यानी शनिवार को रात्रि 10:09 बजे सें मान्य होंगा। सूतक के दौरान पूजा-अर्चना वर्जित रहेगी। ग्रहण का स्पर्श 21 जून को दिन में 10:09 बजे लगेगा और दोपहर 01:36 बजे समाप्त होगा।
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ग्रहण काल के दौरान करें जाप
ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ भगवान शिव और विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। सूतक काल में देवी देवताओं की मूर्तियां न छुएं, सूतक काल से ही गर्भवती महिलाओं को कटाई, सिलाई से बचना चाहिए। सूतक काल से पहले खाने-पीने की वस्तुओं में तुलसी दल अवश्य डालें।
जानिए राशियों पर प्रभाव
मेष, सिंह, कन्या, मकर राशि के लिए यह ग्रहण शुभ है। वहीं वृषभ, तुला, धनु, कुंभ राशि के लिए सामान्य मध्यम फल देने वाला है। मिथुन, कर्क, वृश्चिक, मीन राशि के लिए यह ग्रहण अशुभ है।
यह ग्रहण भारत वर्षीय भूभाग के अलावा म्यांमार, दक्षिणी रूस, मंगोलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, कोरिया, जापान इंडोनेशिया, पूर्वी आस्ट्रेलिया, नेपाल,पाकिस्तान आदि में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा।
यह सूर्य ग्रहण महिला, नवविवाहिता, कन्या, विवाह योग्य बालक-बालिका, उधोगपति, मन्त्री, धर्म नेता आदि पर भी प्रभार सूचक दर्शन योग्य नहीं है। वहां ग्वार, ज्वार, मक्का, तेल, कपास, रूई, बाजरा, मूंग, मोठ, मूंगफली, बिनौला, जूठ, चावल, बारदाना, मूल, केसर, पुस्तक, पत्र-पत्रिका, प्रकाशन आदि वस्तु कार्य व्यवसाय के लिए लाभप्रद बनेगा।