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यूपी: सॉफ्टवेयर बताएगा बच्चा ऑटिस्टिक है या नहीं, आईआईटी डेवलप कर रहा मशीन लर्निंग प्रोग्राम

Sun, 24 Jan 2021 08:55 AM IST
शाहरुख खान शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 24 Jan 2021 08:55 AM IST
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Software will tell whether the child is autistic or not, IIT is developing machine learning program
आईआईटी कानपुर
बच्चे को ऑटिज्म है या नहीं, इसका पता अब अभिभावक स्वयं कर सकेंगे। शुरुआती उम्र में ही ऑटिज्म के लक्षणों का पता लगाने के लिए आईआईटी में मशीन लर्निंग प्रोग्राम डेवलप किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के तहत अभिभावकों को मोबाइल से वीडियो बनाकर मशीन लर्निंग प्रोग्राम सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। 
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सॉफ्टवेयर अपने डाटाबेस से वीडियो में बच्चे के हावभाव का विश्लेषण कर बता देगा कि वह ऑटिस्टिक है या नहीं। कई बार अभिभावक जानकारी के अभाव में ऑटिज्म को समझ नहीं पाते हैं, जब तक बीमारी पकड़ में आती है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। 
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इस समस्या को दूर करने के लिए आईआईटी के ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस के विभागाध्यक्ष और साइकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर बृजभूषण अपनी टीम के साथ मशीन लर्निंग प्रोग्राम नामक सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि अभी इस बीमारी को दो तरीके से पता किया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ बच्चे के मूवमेंट को आधार बनाकर रिपोर्ट देते हैं और दूसरा तरीके में साइकोलॉजी विशेषज्ञ टेस्ट के आधार पर जांच करते हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ऑटिज्म के प्रारंभिक लक्षणों को समझ ही नहीं पाते है, इसलिए यह प्रोग्राम डेवलप किया जा रहा है।

17 बच्चों पर किया ट्रायल

इस प्रोग्राम के सॉफ्टेवयर में वीडियो डालने के बाद बच्चे के चलने के तरीके, किसी भी निर्जीव चीज को उठाने और फेंकने के तरीके, चेहरे के हाव भाव, सिर, हाथ-पांव के मूवमेंट के आधार पर ऑटिज्म का पता लगाया जा सकेगा। प्रो. बृजभूषण कहते हैं कि सॉफ्टवेयर बनाने के लिए तीन से पांच साल की उम्र के 17 बच्चों पर ट्रायल किया गया है।

17 ऑटिस्टिक और 17 सामान्य बच्चों के साथ एक ही प्रकार की गतिविधियां कीं। इसके आधार पर ही रिपोर्ट तैयार की गई। प्रो. बृजभूषण ने कहा कि दोनों ही बच्चों के गेंद फेंकने, कुछ दूरी चलने पर अलग अलग ही एंगल बनता है। आने वाले समय में तीन साल से कम बच्चों पर शोध किया जाएगा, ताकि इस बीमारी का और जल्दी पता लगाया जा सके।      

क्या है ऑटिज्म
ऑटिज्म अर्थात आत्मविमोह मस्तिष्क के विकास के दौरान होने वाला विकार है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चे अकेले रहना पसंद करते हैं। नजर मिलाने से कतराते हैं। सामान्य आवाज पर भी ध्यान नहीं देते हैं। मां या किसी अन्य के आने जाने से ये परेशान नहीं होते। बहुत कम मुस्कुराते हैं। एक क्रिया को बार-बार दोहराते हैं। इनकी गर्दन आम बच्चों के मुकाबले एक तरफ झुकी रहती है।
 
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