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Kanpur News: पटाखों के धुएं ने सांस लेना किया मुश्किल

Wed, 15 Nov 2023 11:13 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 15 Nov 2023 11:13 PM IST
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Smoke from firecrackers made breathing difficult
कानपुर देहात। प्रदूषण के वार के बीच दीपावली के पटाखों ने सांस से जुड़े रोगियों की समस्या को दोगुनी कर दी है। तब जाकर उन्हें आराम मिल पा रहा। अस्पतालों में ओपीडी न चलने की वजह से इमरजेंसी में इस तरह के मरीज पहुंच रहे।
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प्रदूषण ने जिले की हवा को बुरी तरह से खराब कर दिया है। जगह-जगह कूड़ा जलने की वजह से हानिकारक गैस वायुमंडल तक पहुंच रही। इसके अलावा दीपावली के बाद लगातार हो रही पटाखों की आतिशबाजी के धुएं ने सांस से जुड़े मरीजों की समस्या को दोगुना कर दिया है। घर के अंदर भी मरीजों को मास्क लगाना पड़ रहा है। इससे भी मरीजों को राहत नहीं मिली तो वह खुद को नेब्युलाइज करवा रहे हैं। इस तरह के मरीजों की संख्या दीपावली के त्योहार के बाद तेजी से बढ़ी हुई है। जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे अकबरपुर निवासी सुमन ने डॉक्टर को बताया कि काफी सालों से सांस लेने में समस्या है। दीपावली की रात से ही बहुत तेज-तेज सांस फूल रही, घर में नेब्युलाइज भी किया। इसके बावजूद आराम नहीं मिला। इस डॉक्टर ने उसे कुछ दवा देकर मास्क लगाए रखने की सलाह दी। इसी तरह अकबरपुर सीएचसी में सरगांव बुजुर्ग गांव के नीलेश ने डाॅक्टर को बताया कि मंगलवार से तेज सांस फूल रही है। इस पर डॉक्टर ने दवा देकर कहा कि शाम के समय घर से बाहर न निकले। जिला अस्पताल के डॉ. श्रीप्रकाश ने बताया कि दीपावली के बाद से सांस से जुड़े रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी हुई है। आने वाले मरीजों को दवा के साथ बचाव की सलाह भी दी जा रही है।
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प्रदूषण की वजह से हाईवे में छाई रहती सफेद चादर
दीपावली से पहले खेतों में धान की कटाई के बाद जलाई जा रही पराली से प्रदूषण बढ़ा था। इसके बाद दीपावली पर पटाखों के धुएं से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कई गुना अधिक बढ़ा है। जानकारों की माने तो दीपावली से पहले एक्यूआई 130 से 140 के बीच था, जो अब 200 से भी अधिक है। जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक है। प्रदूषण की वजह से वातावरण में विषैली गैस जम जाती है। इस वजह से वातावरण में धुआं जमा रहता है। इसके चलते अक्सर हाईवे और सड़कों में धुआं हो जाता और धूप निकलने पर यह चादर हट जाती है।
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