{"_id":"6148e1c78ebc3ecdff6c557d","slug":"siyari-drain-overflowed-water-entered-eleven-villages-traffic-stalled-on-rasulabad-auraiya-road-akbarpur-news-knp653411453","type":"story","status":"publish","title_hn":"सियारी नाला उफनाया, ग्यारह गांवों में घुसा पानी, रसूलाबाद-औरैया मार्ग से आवागमन ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सियारी नाला उफनाया, ग्यारह गांवों में घुसा पानी, रसूलाबाद-औरैया मार्ग से आवागमन ठप
विज्ञापन
कानपुर देहात में सियारी नाला ओवरफ्लो होने से पुल के ऊपर से बहता पानी। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
रसूलाबाद। पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से अब रसूलाबाद में सियारी नाला उफना गया है। इससे ग्यारह गांवों में पानी घुस गया है। दो गांव टापू बन गए हैं। करीब दस हजार आबादी प्रभावित है। वहीं रसूलाबाद- औरैया मार्ग से नाले का पानी बहने से आवागमन ठप हो गया है। करीब दस किमी का चक्कर लगाकर वाहन निकल रहे हैं।
सियारी नाला इटावा से निकला है। यह नाला करीब बीस फीट चौड़ा है। सैकड़ों गांवों के पानी की निकासी इस नाले में है। रसूलाबाद में रिंद नदी में यह नाला गिरता है। पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से नाले में पानी बढ़ गया था जो अब रसूलाबाद तक आ गया है। कई जगह नाले के किनारे पक्के निर्माण व अस्थायी अतिक्रमण से पानी की निकासी धीमी गति से हो रही है।
नाले के उफनाने से लहरापुर मार्ग पर पुल की रेलिंग पानी में डूब गई है। लोग जान जोखिम में डाल पानी के बीच से होकर निकल रहे हैं। इसी रूट से औरैया वाया लहरापुर रसूलाबाद होकर दिल्ली व लखनऊ के लिए रोडवेज की चार बसें चलती हैं। करीब एक हजार से अधिक वाहन निकलते हैं।
विज्ञापन
सड़क जलमग्न होने से औरैया से आने वाली रोडवेज बसें कठारा से उसरी होते हुए रसूलाबाद आ रही हैं। वहीं औरैया जाने वाली बसें दशहरा से कल्ला पुरवा, ताजपुर नारखुर्द होते हुए लहरापुर पहुंच रही है। करीब दस किमी का चक्कर लगाना पड़ा रहा है। वहीं नाले का पानी 11 गांवों तक पहुंच गया है। इससे करीब दस हजार आबादी प्रभावित हुई है।
इन गांवों में घुसा नाले का पानी
कठारा, झींगापुरवा, मड़ैया, भीमसेन का पुरवा, शंकरपुर, ताजपुर, महेंद्र नगर, पाल नगर, हाफिजपुर, भारामऊ, रामपुर आदि गांवों में नाले का पानी घुस गया है। इससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। वहीं झींगापुरवा व मड़ैया गांव टापू बन गए हैं। आवाजाही बंद होने से लोग खासे परेशान है। (संवाद)
विज्ञापन
सियारी नाला इटावा से निकला है। यह नाला करीब बीस फीट चौड़ा है। सैकड़ों गांवों के पानी की निकासी इस नाले में है। रसूलाबाद में रिंद नदी में यह नाला गिरता है। पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से नाले में पानी बढ़ गया था जो अब रसूलाबाद तक आ गया है। कई जगह नाले के किनारे पक्के निर्माण व अस्थायी अतिक्रमण से पानी की निकासी धीमी गति से हो रही है।
विज्ञापन
नाले के उफनाने से लहरापुर मार्ग पर पुल की रेलिंग पानी में डूब गई है। लोग जान जोखिम में डाल पानी के बीच से होकर निकल रहे हैं। इसी रूट से औरैया वाया लहरापुर रसूलाबाद होकर दिल्ली व लखनऊ के लिए रोडवेज की चार बसें चलती हैं। करीब एक हजार से अधिक वाहन निकलते हैं।
विज्ञापन
सड़क जलमग्न होने से औरैया से आने वाली रोडवेज बसें कठारा से उसरी होते हुए रसूलाबाद आ रही हैं। वहीं औरैया जाने वाली बसें दशहरा से कल्ला पुरवा, ताजपुर नारखुर्द होते हुए लहरापुर पहुंच रही है। करीब दस किमी का चक्कर लगाना पड़ा रहा है। वहीं नाले का पानी 11 गांवों तक पहुंच गया है। इससे करीब दस हजार आबादी प्रभावित हुई है।
इन गांवों में घुसा नाले का पानी
कठारा, झींगापुरवा, मड़ैया, भीमसेन का पुरवा, शंकरपुर, ताजपुर, महेंद्र नगर, पाल नगर, हाफिजपुर, भारामऊ, रामपुर आदि गांवों में नाले का पानी घुस गया है। इससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। वहीं झींगापुरवा व मड़ैया गांव टापू बन गए हैं। आवाजाही बंद होने से लोग खासे परेशान है। (संवाद)