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Kanpur News: छह को मिली जमानत, तीन की लगाई अर्जी
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इटावा। भाजपा-कांग्रेस संघर्ष में जेल भेजे गए छह कांग्रेसियों की जमानत अर्जी एससी-एसटी कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और 50-50 हजार के दो जमानतियों प्रपत्र लगने के बाद छह लोगों को शनिवार को रिहा किया जाएगा। वहीं बचे हुए तीन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की भी जमानत याचिका जिला जल की कोर्ट में लगाई गई है। शनिवार को इस पर सुनवाई होगी।
सोमवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच हुए संघर्ष में पुलिस ने आठ नामजद व एक व्यक्ति की पहचान करके उसे गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को सभी की जमानत अर्जी सीजीएम कोर्ट में लगाई गई थी। सीजीएम कोर्ट ने याचिका खारिज करके सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बुधवार को छह आरोपियों की जमानत याचिका जिला जज की कोर्ट में लगाई गई थी। इसकी सुनवाई गुरुवार को हुई। सबसे पहले साढ़े 11 बजे जिला जज कोर्ट में सुनवाई हुई। यहां से मामला एससी-एसटी कोर्ट संजय कुमार के यहां स्थानांतरित कर दिया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे यहां सुनवाई हुई। भाजपा की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ताओं ने एक्सरे रिपोर्ट के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने ढाई बजे तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए, लेकिन एक्सरे रिपोर्ट को पेश नहीं किया जा सका। इस पर कांग्रेसियों के अधिवक्ता सिद्धार्थ शंकर दीक्षित ने पूरे मामले को फर्जी बताया। कहा कि जिन चोटों का जिक्र किया जा रहा है। वह मामूली हैं। जानबूझकर जानलेवा हमले की धारा लगाई गई कांग्रेसियों को जेल भेजा जा सके। उन्होंने एफआईआर लिखने से लगभग दो घंटे पहले मेडिकल होने पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनते हुए कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राशिद पठान, पूर्व शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे, अंबुज त्रिपाठी, आसिफ पठान, पूर्व जिलाध्यक्ष मलखान सिंह की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली गई है। अधिवक्ता आशुतोष दीक्षित ने बताया कि सभी को 50 हजार रुपये के मुचलके और 50-50 हजार की जमानत पर रिहा किया जाएगा। बताया कि शनिवार को सीजीएम कोर्ट में प्रपत्र जमा होने के बाद सभी की रिहाई होगी।
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सोमवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच हुए संघर्ष में पुलिस ने आठ नामजद व एक व्यक्ति की पहचान करके उसे गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को सभी की जमानत अर्जी सीजीएम कोर्ट में लगाई गई थी। सीजीएम कोर्ट ने याचिका खारिज करके सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बुधवार को छह आरोपियों की जमानत याचिका जिला जज की कोर्ट में लगाई गई थी। इसकी सुनवाई गुरुवार को हुई। सबसे पहले साढ़े 11 बजे जिला जज कोर्ट में सुनवाई हुई। यहां से मामला एससी-एसटी कोर्ट संजय कुमार के यहां स्थानांतरित कर दिया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे यहां सुनवाई हुई। भाजपा की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ताओं ने एक्सरे रिपोर्ट के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने ढाई बजे तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए, लेकिन एक्सरे रिपोर्ट को पेश नहीं किया जा सका। इस पर कांग्रेसियों के अधिवक्ता सिद्धार्थ शंकर दीक्षित ने पूरे मामले को फर्जी बताया। कहा कि जिन चोटों का जिक्र किया जा रहा है। वह मामूली हैं। जानबूझकर जानलेवा हमले की धारा लगाई गई कांग्रेसियों को जेल भेजा जा सके। उन्होंने एफआईआर लिखने से लगभग दो घंटे पहले मेडिकल होने पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनते हुए कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राशिद पठान, पूर्व शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे, अंबुज त्रिपाठी, आसिफ पठान, पूर्व जिलाध्यक्ष मलखान सिंह की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली गई है। अधिवक्ता आशुतोष दीक्षित ने बताया कि सभी को 50 हजार रुपये के मुचलके और 50-50 हजार की जमानत पर रिहा किया जाएगा। बताया कि शनिवार को सीजीएम कोर्ट में प्रपत्र जमा होने के बाद सभी की रिहाई होगी।
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