Kanpur: बहन के पति को बचाया...पर खुद ही फंस गए भाई, चार साल पहले लिखाई थी दहेज हत्या की रिपोर्ट, पढ़ें मामला
Kanpur News: गोविंद नगर थाना क्षेत्र में बहन के पति को बचा लिया, लेकिन भाई खुद फंस गए। बता दें कि बहन की मौत पर चार साल पहले ससुरालीजनों पर दहेज हत्या की रिपोर्ट लिखाई थी। पहले चार्जशीट में सास-ससुर को बचाया फिर पति को बचाने के लिए बयान से पलट गए।
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कानपुर में बहन की मौत पर दहेज हत्या की रिपोर्ट लिखाई, लेकिन बाद में बहनोई को बचाने के लिए भाई कोर्ट में बयान से पलट गए। इस पर अपर जिला जज 14 दीपाली सिंह ने मृतका के पति को तो संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया लेकिन झूठी गवाही देने वाले दोनों भाइयों के खिलाफ प्रकीण वाद दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
ब्रजेश ने गोविंद नगर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी बहन अर्चना की शादी गोविंद नगर निवासी संतलाल मौर्य से 5 दिसंबर 2013 को हुई थी। ससुरालीजनों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर 23 मई 2020 को अर्चना को जला दिया था। इलाज के दौरान हैलट में 28 मई को उसकी मौत हो गई थी।
एडीजीसी शिव भगवान गोस्वामी ने बताया कि ब्रजेश ने सास-ससुर के पक्ष में शपथपत्र दे दिया था जिस पर पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट नहीं भेजी थी। सिर्फ संतलाल के खिलाफ मुकदमा चला। फिर संतलाल को बचाने के लिए कोर्ट में ब्रजेश व उसका भाई भी बयान से पलट गए। अर्चना के दोनों भाइयों ब्रजेश व अवधेश ने कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि ससुराल की आर्थिक स्थिति कमजोर थी।
झूठी गवाही देने पर प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के निर्देश
वह लोग अर्चना की मदद किया करते थे लेकिन आर्थिक तंगी से परेशान होकर बहन ने खुद आग लगा ली थी। उन्होंने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। दोनों को पक्षद्रोही घोषित कर दिया गया था। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने संतलाल को बरी कर दिया, लेकिन झूठी गवाही देने के मामले में मृतका के दोनों भाइयों ब्रजेश व अवधेश के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।