Kanpur Sikh Riots: सिख विरोधी दंगे के आरोपी जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार, मुख्यमंत्री से एसआईटी के डीजी की मुलाकात
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कानपुर शहर में हुए दंगों को लेकर गठित एसआईटी ने पुन: विवेचना वाले 11 मामलों में अब तक 60 आरोपित चिह्नित किए हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी शासन के आदेश पर होनी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से एसआईटी के डीजी ने मुलाकात की है।
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कानपुर में सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी के डीजी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। इस दौरान दंगाइयों की गिरफ्तारी को लेकर बातचीत हुई है। अब जल्द ही बेनकाब हुए दंगाइयों को जेल भेजा जाएगा। दंगाइयों में पूर्व मंत्री का भतीजा, डेयरी मालिक व स्कूल संचालक समेत कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं।
1984 में हुए सिख विरोधी दंगे में कानपुर में भी 127 लोग मारे गए थे। शासन के आदेश पर गठित एसआईटी तीन वर्षों से मामले की जांच कर रही है। 11 मामलों की विवेचना एसआईटी छह महीने पहले पूरी कर चुकी है। इसमें 60 से अधिक आरोपियों की पहचान की गई है।
इन आरोपियों के खिलाफ सुबूत व गवाह दोनों हैं। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी शासन के आदेश पर होनी है। लिहाजा एसआईटी के डीजी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरी जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी को लेकर लगभग मंजूरी मिल गई है। कुछ कागजी कार्यवाही पूर कर इनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
छह माह और बढ़ेगा एसआईटी का कार्यकाल
फरवरी 2019 में एसआईटी का गठन किया गया था। तब छह महीने का समय तय किया गया था। मगर जब जांच में परतें खुलती गईं और विवेचना का दायरा बढ़ने लगा, तो हर छह महीने पर एसआईटी का कार्यकाल भी बढ़ाया जाने लगा। 27 मई को एसआईटी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। छह महीने का कार्यकाल और बढ़ाने के लिए एसआईटी के डीजी ने शासन को पत्र भेजा है। एक-दो दिन में इस संबंध में आदेश जारी हो सकता है।