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सिख दंगा: एसआईटी को छह माह समय और मिला, जांच पूरी न होने पाने पर शासन से मांगा था समय
Sun, 29 Nov 2020 09:11 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 29 Nov 2020 09:11 AM IST
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सिख विरोधी दंगा
- फोटो : गूगल
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सिख दंगे की जांच रिपोर्ट फाइल करने के लिए एसआईटी को छह माह का और समय दिया गया है। दंगे में कानपुर के 127 लोगों की हत्या हुई थी और करोड़ों की संपत्ति जल गई थी। शहर के कई मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी।
मामले की दोबारा जांच के लिए शासन ने पूर्व डीजीपी अतुल के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित की थी। टीम ने छह माह के अंदर जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने की बात कही थी। इसके बाद शासन की ओर से मई 2019 में एसआईटी गठित की गई।
एसआईटी को एक साल में रिपोर्ट देनी थी। यह समय छह माह और बढ़ाया गया। एसआईटी ने अब तक 34 मुकदमों की जांच की, जिसमें 17 अंडर ट्रायल हैं। मामले में 29 गवाहों के बयान होने थे, लेकिन सिर्फ छह लोगों के ही बयान दर्ज हो सके थे।
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इसके अलावा थाना स्तर पर रिकार्ड न मिलने क कारण एसआईटी को कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इसके बाद एसआईटी ने फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित कर फोटोग्राफ भी खींचे थे। 27 नवंबर को एसआईटी का कार्यकाल समाप्त होना था। जांच पूरी न हो पाने पर एसआईटी ने शासन से और छह माह मांगे। शुक्रवार को शासन ने छह माह की अनुमति दे दी है।
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मामले की दोबारा जांच के लिए शासन ने पूर्व डीजीपी अतुल के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित की थी। टीम ने छह माह के अंदर जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने की बात कही थी। इसके बाद शासन की ओर से मई 2019 में एसआईटी गठित की गई।
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एसआईटी को एक साल में रिपोर्ट देनी थी। यह समय छह माह और बढ़ाया गया। एसआईटी ने अब तक 34 मुकदमों की जांच की, जिसमें 17 अंडर ट्रायल हैं। मामले में 29 गवाहों के बयान होने थे, लेकिन सिर्फ छह लोगों के ही बयान दर्ज हो सके थे।
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इसके अलावा थाना स्तर पर रिकार्ड न मिलने क कारण एसआईटी को कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इसके बाद एसआईटी ने फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित कर फोटोग्राफ भी खींचे थे। 27 नवंबर को एसआईटी का कार्यकाल समाप्त होना था। जांच पूरी न हो पाने पर एसआईटी ने शासन से और छह माह मांगे। शुक्रवार को शासन ने छह माह की अनुमति दे दी है।