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Kanpur News: कानपुर में तैनाती के दौरान शुरू हुई थी जांच, फिटनेश मे होती थी अवैध वसूली
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लखनऊ आवास पर छापे के बाद कानपुर कार्यकाल फिर चर्चा में, जांच में आय से 68.66 लाख रुपये अधिक खर्च का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। सेवानिवृत्त एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर विजिलेंस की छापेमारी के बाद उनका कानपुर कार्यकाल भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ललित कुमार वर्ष 2016 से 2019 तक कानपुर आरटीओ कार्यालय में संभागीय निरीक्षक (आरआई) के पद पर तैनात रहे। वर्ष 2019 में उनका पदोन्नति के बाद एआरटीओ पद पर चयन हो गया था। इस दौरान उन्होंने वाहनों की फिटनेस मे अवैध वसूली की। इनके खिलाफ कई आरटीआई विशेषज्ञ ने शिकायत की जिसपर जाँच बैठी।
कानपुर में तैनाती के दौरान ही उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच शुरू हुई थी। जांच में पाया गया कि संबंधित अवधि में उन्होंने वैध स्रोतों से 93.26 लाख रुपये की आय अर्जित की, जबकि चल-अचल संपत्तियों के अर्जन, भरण-पोषण एवं अन्य मदों पर 1.61 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। इस प्रकार जांच एजेंसी ने 68.66 लाख रुपये का खर्च वैध आय से अधिक होने का उल्लेख किया है। ललित कुमार के कानपुर कार्यकाल के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस से जुड़े कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही थीं। परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया की लाइसेंस और फिटनेस प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगते रहे, हालांकि इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच सामने नहीं आयी।
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हाल ही में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद कानपुर में उनके कार्यकाल से जुड़े मामलों की भी फिर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों का मानना है कि यदि जांच आगे बढ़ती है तो कानपुर में उनके कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले भी सामने आ जायेंगे। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी इस मामले को
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