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पनकी मंदिर बना अखाड़ा, महंत जितेंद्र दास ने की कुछ लोगों को ट्रस्ट से निकालने की मांग, रखी ये शर्त
Sun, 14 Jun 2020 01:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 14 Jun 2020 01:53 AM IST
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श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के विवाद में महंत महामंडलेश्वर जितेंद्र दास ने समझौते के लिए नए ट्रस्ट श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर श्राइन बोर्ड के सामने शर्त रखी है। उन्होंने इस ट्रस्ट में शहर के चार बड़े उद्योगपतियों को शामिल करने तथा 11-11 लाख रुपये देने से खुद और कृष्णदास को अलग रखने को कहा है।
साथ ही ट्रस्ट से दो लोगों को हटाने की भी बात रखी है। शनिवार सुबह सरसैया घाट स्थित मंदिर में अमर उजाला से विशेष बातचीत में जितेंद्र दास ने कहा कि गुरु नृत्य गोपालदास का जो आदेश होगा, उसका पालन करेंगे। बताया कि वह खुद उनसे मिलने अयोध्या जाएंगे। जितेंद्र दास 7 जून से शहर से बाहर थे। शुक्रवार देर रात शहर पहुंचे।
वह पनकी मंदिर न जाकर अपने गुरु भाई सरसैया घाट स्थित गोविंद दास के पास गए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अमित नारायण त्रिवेदी और मीडिया प्रभारी रामजी त्रिपाठी सही हैं। लेकिन दो-तीन ऐसे लोग हैं, जिनसे ट्रस्ट की गरिमा खराब हो रही है। इन्हें ट्रस्ट से हटाया जाए। उधर, देर शाम पनकी हनुमान मंदिर पहुंच उन्होंने दर्शन किया।
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यदि जितेंद्र दास ट्रस्ट में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। वह शहर के जिन चार बड़े उद्योगपतियों को शामिल करना चाहते हैं उनका नाम लेटर हेड पर लिख कर दे दें। वैसे भी पहले जो चार नाम उन्होंने दिए थे, उन्हें ट्रस्ट में स्थान मिला था। अब वह इनमें बदलाव चाहते हैं तो मैं तैयार हूं। 11 लाख रुपये देने से उन्हें पहले ही मुक्त रखा गया है। ट्रस्ट में उनकी शर्तों पर विचार होगा।
अमित नारायण त्रिपाठी ,मैनेजिंग ट्रस्टी, श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर श्राइन बोर्ड
महामंडलेश्वर महंत जितेंद्र दास मेरे छोटे भाई जैसे हैं। उनसे मेरा कोई विवाद नहीं है। वह जो भी कहें, उस पर कायम रहें। ट्रस्ट से वे नए लोगों को जोड़ना चाहते हैं तो अच्छी बात है। बस लोग ऐसे हों, जो मंदिर की भलाई के बारे में सोचें।
महंत कृष्णदास, पनकी मंदिर
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साथ ही ट्रस्ट से दो लोगों को हटाने की भी बात रखी है। शनिवार सुबह सरसैया घाट स्थित मंदिर में अमर उजाला से विशेष बातचीत में जितेंद्र दास ने कहा कि गुरु नृत्य गोपालदास का जो आदेश होगा, उसका पालन करेंगे। बताया कि वह खुद उनसे मिलने अयोध्या जाएंगे। जितेंद्र दास 7 जून से शहर से बाहर थे। शुक्रवार देर रात शहर पहुंचे।
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वह पनकी मंदिर न जाकर अपने गुरु भाई सरसैया घाट स्थित गोविंद दास के पास गए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अमित नारायण त्रिवेदी और मीडिया प्रभारी रामजी त्रिपाठी सही हैं। लेकिन दो-तीन ऐसे लोग हैं, जिनसे ट्रस्ट की गरिमा खराब हो रही है। इन्हें ट्रस्ट से हटाया जाए। उधर, देर शाम पनकी हनुमान मंदिर पहुंच उन्होंने दर्शन किया।
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यदि जितेंद्र दास ट्रस्ट में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। वह शहर के जिन चार बड़े उद्योगपतियों को शामिल करना चाहते हैं उनका नाम लेटर हेड पर लिख कर दे दें। वैसे भी पहले जो चार नाम उन्होंने दिए थे, उन्हें ट्रस्ट में स्थान मिला था। अब वह इनमें बदलाव चाहते हैं तो मैं तैयार हूं। 11 लाख रुपये देने से उन्हें पहले ही मुक्त रखा गया है। ट्रस्ट में उनकी शर्तों पर विचार होगा।
अमित नारायण त्रिपाठी ,मैनेजिंग ट्रस्टी, श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर श्राइन बोर्ड
महामंडलेश्वर महंत जितेंद्र दास मेरे छोटे भाई जैसे हैं। उनसे मेरा कोई विवाद नहीं है। वह जो भी कहें, उस पर कायम रहें। ट्रस्ट से वे नए लोगों को जोड़ना चाहते हैं तो अच्छी बात है। बस लोग ऐसे हों, जो मंदिर की भलाई के बारे में सोचें।
महंत कृष्णदास, पनकी मंदिर