‘रफ्तार’ खो चुका शिवम डिप्रेशन में आकर हार गया ‘जिंदगी की जंग’
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परिवार में मां और बहन ज्योति है। इकलौते चिराग की मौत के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। शिवम की एक साल पहले भौंती में हुए हादसे में पैर की हड्डी टूट गई थी। वह उस समय इंटरमीडिएट का पेपर देने जा रहा था। पिछले एक साल से शिवम के पैरों का इलाज चल रहा था। तीन आपरेशन भी हुए, लेकिन वह चल नहीं पा रहा था। इससे वह अवसाद में चला गया।
‘बेटा थोड़ा रुक जाते हमसे बात तो कर लेते’
सोमवार को ज्योति कोचिंग गई थी। शिवम ने मां के साथ खाना खाया। इसके बाद मां बर्फ लेने चली गई। तभी शिवम ने अंगोछे के सहारे गेट पर लगी क्रॉस वेंटीलेशन के लिए लगी रेलिंग में अंगोछे के सहारे फांसी लगा ली। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिवम की मौत के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था कि बेटा थोड़ा रुक जाते हमसे बात तो कर लेते।