‘भीख नहीं नौकरी चाहिए’ नारे लगा रहे कई शिक्षामित्र गिरकर बेहोश, तीन की हालत बिगड़ी
शिक्षामित्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। चार दिनों से गांधीगिरी का रास्ता अपना रहे शिक्षकों का गुस्सा सोमवार को केंद्र व प्रदेश सरकार पर फूटा। उन्नाव में विधायक के आवास पर प्रदर्शन के दौरान तेज धूप और उमस से 6 शिक्षामित्रों की हालत बिगड़ गई। बेहोश होकर सड़क पर गिरे शिक्षामित्रों को साथियों ने आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों के मुताबिक हीट स्ट्रोक से तीन की हालत ज्यादा बिगड़ गई है।
शिक्षामित्र शैक्षिक कार्य से बहिष्कार कर हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। आंदोलन की राह पर निकले शिक्षामित्र छठे दिन भी बीएसए कार्यालय परिसर में हक की आवाज बुलंद करने को डटे रहे। उन्नाव शहर में पैदल मार्च कर समूह शक्ति का अहसास कराया। रास्ते में सदर विधायक आवास के सामने सड़क पर बैठ गए। इससे कुछ देर जाम भी लगा। धरना स्थल पर आंदोलन की अगुवाई कर रहे शिक्षामित्रों ने योगी सरकार पर सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट में शिक्षामित्रों की तरफ से ठीक से पैरवी न करने के आरोप लगाए। वक्ताओं ने शिक्षामित्रों से सरकार की तरफ से कोई सटीक फैसला न आने तक प्रदर्शन को मजबूत बनाने की अपील भी की।
सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर शिक्षामित्रों के बीच पहुंचे और सरकार के साथ होने का आश्वासन दिया। दोपहर बाद करीब 1.30 बजे शिक्षामित्रों का हुजूम पैदल मार्च के लिए निकला। ‘भीख नहीं नौकरी चाहिए’ जैसे नारे लगाकर हरदोई पुल पहुंचे। जहां सदर विधायक आवास के सामने सड़क पर बैठकर नौकरी सुरक्षित रखने की मांग की। करीब दस मिनट तक सड़क जाम कर शिक्षामित्र चिलचिलाती धूप में सड़क पर बैठे रहे। पुलिस बल ने तेवर तल्ख किए तो हुजूम बड़ा चौराह की तरफ बढ़ा।
बीएड टीईटी संघर्ष मोर्चा जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला के नेतृत्व में बीएड व टीईटी पास डिग्री धारकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर जल्द नियुक्ति न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में अनूप श्रीवास्तव, संदीप सिंह, संदीप मिश्र, शैलेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।