SGST Raid: ट्रांसपोर्ट नगर में गोदाम पर मारा छापा, डेढ़ करोड़ की 560 क्विंटल सुपाड़ी पकड़ी…नहीं मिले दस्तावेज
Kanpur News: जांच में पता चला कि गोदाम का संचालन वीर बहादुर रैकवार की ओर से पिछले दो महीनों से किया जा रहा है। गोदाम के अंदर जॉब वर्क पर काम होना बताया गया। कोई खरीद बिक्री नहीं किए जाने की बात कही, जबकि गोदाम में सुपाड़ी कटिंग की आठ मशीनें लगी थीं।
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कानपुर में राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) की टीम ने पहली बार रात में छापा मारने की कार्रवाई की। गुरुवार रात टीम ने ट्रांसपोर्टनगर में बिना पंजीयन के चल रहे सुपाड़ी कटिंग गोदाम पर छापा मारा। छापे में 855 बोरियों में भरी 567 क्विंटल सुपाड़ी पकड़ी गई। सुपाड़ी की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।
गोदाम संचालक सुपाड़ी खरीद-फरोख्त के कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाए। टीम ने गोदाम और माल सील कर दिया। एसजीएसटी विभाग को गुरुवार रात 10 बजे सूचना मिली कि वाहन संख्या यूपी 78 जीटी 9909 में कटी सुपाड़ी नए पुल के पास ट्रांसपोर्टनगर में लोड हो रही है। इसके बाद सचल दल की तीन यूनिटों ने संयुक्त आयुक्त रणकेंद्र सिंह के निर्देशन में ट्रांसपोर्टनगर में छापा मारा।
दो महीनों से हो रहा था संचालन
जब टीम वाहन के पास पहुंची, तब तक इसमें तीन बोरी सुपाड़ी लोड हो चुकी थी। उपायुक्त एसआईबी विनय गौतम की अगुवाई में रात में ही जिस गोदाम से सुपाड़ी लोड हो रही थी, उस पर छापा मारा गया। जांच में पता चला कि गोदाम का संचालन वीर बहादुर रैकवार की ओर से पिछले दो महीनों से किया जा रहा है। गोदाम के अंदर जॉब वर्क पर काम होना बताया गया।
गोदाम में 855 बोरी सुपाड़ी मिली
कोई खरीद बिक्री नहीं किए जाने की बात कही, जबकि गोदाम में सुपाड़ी कटिंग की आठ मशीनें लगी थीं। इनमें से छह पर सुपाड़ी कटिंग का काम हो रहा था। मौके पर मौजूद लोग कोई पंजीयन प्रमाणपत्र भी नहीं दिखा पाए। गोदाम में 855 बोरी सुपाड़ी मिली, जिससे संबंधित कोई इनवॉइस, चालान नहीं दिखाया गया। कोई भी दस्तावेज नहीं मिलने पर माल को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया गया।
सुपाड़ी की अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपये
रात तीन बजे तक कार्रवाई की गई। अपर आयुक्त ग्रेड दो एसआईबी जोन द्वितीय कुमार आनंद ने बताया कि सील की गई सुपाड़ी की अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपये है। गोदाम भी सील कर दिया गया है। ये कटी सुपाड़ी कहां जा रही थी, इसकी जानकारी अभी तक संचालक ने नहीं दी है। पूछताछ के साथ आगे की जांच की जा रही है।