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फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर लोन बांट रहीं तमाम कंपनियां
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 01 Dec 2014 03:09 AM IST
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ऐसी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज (एनबीएफसी) जिनके प्रमाणपत्र तमाम अनियमितताओं के चलते खारिज हो चुके हैं, वे लोगों को सस्ती दरों पर लोन देने के नाम पर ठग रही हैं।
यह बात खुद भारतीय रिजर्व बैंक ने स्वीकार की है। इसके साथ ही समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों से इन पर लगाम लगाने को भी कहा है।
देश भर में एनबीएफसी को तमाम नियम-शर्तों के साथ रिजर्व बैंक कारोबार करने की अनुमति देता है। इसके लिए बाकायदा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
समय-समय पर तमाम कंपनियों द्वारा आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन न करने और अनियमितताएं बरतने पर इन प्रमाणपत्रों को रद भी किया जाता है।
मगर तमाम लोग प्रमाणपत्र रद होने की बात को छुपाकर लोगों से ठगी करने में जुटे हैं। इस संबंध में रिजर्व बैंक की प्रिंसिपल चीफ जनरल मैनेजर अल्पना किलावाला ने एक पत्र जारी किया है।
इसमें कहा गया है कि तमाम एनबीएफसी पूर्व में जारी प्रमाणपत्र के रद होने के बाद भी उनका इस्तेमाल करके लोगों संग धोखाधड़ी कर रही हैं।
वे बाजार से बेहद कम ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध कराने का प्रलोभन देती हैं। झांसे में आए लोगों से प्रॉसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।
इसी तरह कई सारे लोगों का पैसा एकत्र करने के बाद ये कंपनियां खिसक लेती हैं। उन्होंने ऐसी कंपनियों से लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
साथ ही यह भी कहा है कि किसी भी एनबीएफसी में निवेश करने से पूर्व उसके संबंध में रिजर्व बैंक कार्यालय या फिर वेबसाइट से जानकारी जरूर कर लें।
किसी तरही की धोखाधड़ी होने पर संबंधित थाने को शिकायत करें।
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यह बात खुद भारतीय रिजर्व बैंक ने स्वीकार की है। इसके साथ ही समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों से इन पर लगाम लगाने को भी कहा है।
देश भर में एनबीएफसी को तमाम नियम-शर्तों के साथ रिजर्व बैंक कारोबार करने की अनुमति देता है। इसके लिए बाकायदा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
समय-समय पर तमाम कंपनियों द्वारा आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन न करने और अनियमितताएं बरतने पर इन प्रमाणपत्रों को रद भी किया जाता है।
मगर तमाम लोग प्रमाणपत्र रद होने की बात को छुपाकर लोगों से ठगी करने में जुटे हैं। इस संबंध में रिजर्व बैंक की प्रिंसिपल चीफ जनरल मैनेजर अल्पना किलावाला ने एक पत्र जारी किया है।
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इसमें कहा गया है कि तमाम एनबीएफसी पूर्व में जारी प्रमाणपत्र के रद होने के बाद भी उनका इस्तेमाल करके लोगों संग धोखाधड़ी कर रही हैं।
वे बाजार से बेहद कम ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध कराने का प्रलोभन देती हैं। झांसे में आए लोगों से प्रॉसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।
इसी तरह कई सारे लोगों का पैसा एकत्र करने के बाद ये कंपनियां खिसक लेती हैं। उन्होंने ऐसी कंपनियों से लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
साथ ही यह भी कहा है कि किसी भी एनबीएफसी में निवेश करने से पूर्व उसके संबंध में रिजर्व बैंक कार्यालय या फिर वेबसाइट से जानकारी जरूर कर लें।
किसी तरही की धोखाधड़ी होने पर संबंधित थाने को शिकायत करें।