{"_id":"68b0b9c6b5c0753c710a402a","slug":"services-of-three-outsourced-employees-of-birth-and-death-registration-office-terminated-kanpur-news-c-12-1-knp1063-1244070-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय के तीन आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय के तीन आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त
विज्ञापन
कानपुर। जन्म, मृत्यु पंजीकरण के आवेदन फार्म छह-छह महीने तक दबाकर रखने वाले तीन आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं गुरुवार को नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने समाप्त कर दीं।
नगर निगम मुख्यालय स्थित जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में आवेदन पत्र लटकाने की शिकायतें आ रही थी। इसपर नगर आयुक्त ने शुरुआती जांच के बाद नगर निगम मुख्यालय स्थित जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में कार्यरत आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर राजकुमार को इस कार्यालय से हटाकर नागरिक सहायता कक्ष (कंट्रोल रूम) से संबद्ध कर दिया था। इसी तरह जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से दूसरे आउटसोर्स कर्मचारी सुरेंद्र कुमार को भी कंट्रोल रूम और विजय कुमार को नगर निगम बालिका इंटर कालेज हीरामन का पुरवा में स्थानांतरित किया था।
नगर आयुक्त ने गुरुवार को बताया कि अब विस्तृत जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में तीनों की लापरवाही की पुष्टि हुई है। इसलिए इन तीनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनके स्थान पर दूसरे कर्मी लगाए गए हैं उन्हें 15 दिन में आवेदनों का निस्तारण करने के लिए कहा है। एक साल से पुराने मामलों में भी एसीएम की रिपोर्ट आते ही दो दिन में प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम मुख्यालय स्थित जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में आवेदन पत्र लटकाने की शिकायतें आ रही थी। इसपर नगर आयुक्त ने शुरुआती जांच के बाद नगर निगम मुख्यालय स्थित जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में कार्यरत आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर राजकुमार को इस कार्यालय से हटाकर नागरिक सहायता कक्ष (कंट्रोल रूम) से संबद्ध कर दिया था। इसी तरह जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से दूसरे आउटसोर्स कर्मचारी सुरेंद्र कुमार को भी कंट्रोल रूम और विजय कुमार को नगर निगम बालिका इंटर कालेज हीरामन का पुरवा में स्थानांतरित किया था।
विज्ञापन
नगर आयुक्त ने गुरुवार को बताया कि अब विस्तृत जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में तीनों की लापरवाही की पुष्टि हुई है। इसलिए इन तीनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनके स्थान पर दूसरे कर्मी लगाए गए हैं उन्हें 15 दिन में आवेदनों का निस्तारण करने के लिए कहा है। एक साल से पुराने मामलों में भी एसीएम की रिपोर्ट आते ही दो दिन में प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कहा है।
विज्ञापन