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Kanpur News: स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार करेंगी तीन लाख तिरंगा
Sun, 02 Aug 2026 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:34 AM IST
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कानपुर देहात। स्वतंत्रता दिवस पर जनपद की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इस बार भी देशभक्ति के साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश करेंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत शासन ने कानपुर देहात जिले को तीन लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य दिया है।
इस कार्य की जिम्मेदारी जिले के विभिन्न विकास खंडों में संचालित स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। महिलाएं अपने घरों पर ही तिरंगा तैयार करेंगी। जिससे उन्हें रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। विभाग की ओर से तिरंगा निर्माण शुरू होने से पहले समूहों की महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान के तहत तैयार किए गए सभी तिरंगे 15 अगस्त से पहले सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और आमजन तक पहुंचा दिए जाएंगे।
इससे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाया जाएगा। समूहों की महिलाओं ने भी इस पहल पर खुशी जताई है। अकबरपुर ब्लॉक की बीएमएम रूबी द्विवेदी का कहना है कि समूह की महिलाओं के लिए तिरंगा तैयार करना गर्व की बात है। एक ओर वे देश के सम्मान से जुड़े इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएंगी, वहीं दूसरी ओर इस कार्य से मिलने वाली आय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी।
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बयान.....
सभी स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध ढंग से तीन लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के अभियान से भी जोड़ रही है। झंडा निर्माण से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम
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इस कार्य की जिम्मेदारी जिले के विभिन्न विकास खंडों में संचालित स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। महिलाएं अपने घरों पर ही तिरंगा तैयार करेंगी। जिससे उन्हें रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। विभाग की ओर से तिरंगा निर्माण शुरू होने से पहले समूहों की महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान के तहत तैयार किए गए सभी तिरंगे 15 अगस्त से पहले सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और आमजन तक पहुंचा दिए जाएंगे।
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इससे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाया जाएगा। समूहों की महिलाओं ने भी इस पहल पर खुशी जताई है। अकबरपुर ब्लॉक की बीएमएम रूबी द्विवेदी का कहना है कि समूह की महिलाओं के लिए तिरंगा तैयार करना गर्व की बात है। एक ओर वे देश के सम्मान से जुड़े इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएंगी, वहीं दूसरी ओर इस कार्य से मिलने वाली आय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी।
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सभी स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध ढंग से तीन लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के अभियान से भी जोड़ रही है। झंडा निर्माण से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम