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पोलैंड व रोमानिया बार्डर पर छात्रों को पीट रहे सुरक्षाकर्मी, ममेरे भाई-बहन ने पीएम से भारत वापसी की लगाई गुहार
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कानपुर। रोमानिया बार्डर पर भारतीय छात्र-छात्राओं से मारपीट करते सुरक्षाकर्मी। नोट ये फोटो छात्?
कानपुर देहात। यूक्रेन में हर तरफ दहशत का माहौल है। लगातार बमबारी हो रही है। बाजार बंद हैं और खाने पीने के सामान का संकट हो रहा है। भारत लौटने के प्रयास में जुटे छात्रों से पोलैंड व रोमानिया बार्डर पर सुरक्षा कर्मी मारपीट कर रहे हैं।
यह बातें रविवार को वहां फंसे जिले के ममेरे भाई बहन आकांक्षा और अर्पित ने बताईं। मारपीट का एक वीडियो भी भारतीय छात्रों ने साझा किया है। छात्रों ने भारत के प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह किसी भी तरह से वहां से उन्हें लाने का प्रबंध करें। छात्रों से बातचीत कर परिजन भी बेहद चिंतित हैं।
पुखरायां के विवेकानंद नगर निवासी शैलेंद्र कटियार की बेटी आकांक्षा व उनका ममेरा भाई अमौली डेरापुर निवासी अर्पित यूक्रेन के खारकीव में फंसे हैं। दोनों वहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। फिलहाल दोनों ने मेट्रो स्टेशन पर डेरा डाल रखा है।
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फोन पर हुई बातचीत में दोनों बताया कि लगातार बमबारी हो रही है। धमाकों की आवाज से दिल दहल रहा है। खाने पीने का पूरा रूटीन बिगड़ा है। मौका मिलने पर खाने का कुछ इंतजाम हो पाता है। 24 घंटे में बमुश्किल एक बार खाना मिल जाए तो बड़ी बात है।
दोनों ने बताया कि कुछ भारतीय छात्र छात्राएं वहां से निकल कर पोलैंड व रोमानिया बार्डर पर पहुंचे थे, लेकिन वहां उनके साथ सुरक्षा कर्मियों ने बुरी तरह से मारपीट की।
आकांक्षा व अर्पित ने देश के प्रधानमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें वहां से लाने की व्यवस्था की जाए। बताया कि सिर पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। डर व दहशत की वजह से भूख प्यास भी मर गई है। दोनों बुरी तरह से परेशान हैं। उनके साथ बिहार प्रांत के भी कई छात्र फंसे हैं।
विकास की सलामती के लिए परिजनों ने कराया हवन
सिकंदरा। गुरदही खुर्द गांव निवासी एक छात्र भी यूक्रेन में फंसा है। उसकी सलामती के लिए रविवार को गांव में परिजनों ने हवन पूजन कराया। हालांकि छात्र के माता-पिता पंजाब में रहते हैं।
गुरदही गांव के सुरेंद्र यादव ने बताया कि छोटे भाई अरविंद यादव का बेटा विकास यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह चार माह पहले वहां गया था। रूस के हमले के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उसके साथ भारत के दो और साथी है। वह एक ही स्थान में रखे गए हैं।
फिलहाल वहां खाने पानी का प्रबंध भी ठीक नहीं है। सुरेंद्र ने बताया कि भाई अरविंद पंजाब के मनसा में रहकर कृषि विभाग में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी सरिता घर में रहती हैं। बड़ा बेटा चंडीगढ़ में साफ्टवेयर इंजीनियर है।
जब से यूक्रेन में रूस के हमले की जानकारी मिली है तब से पूरा परिवार परेशान है। उसकी सलामती के लिए रविवार को घर में हवन पूजन कराया गया है। ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है। प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर उसे सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। (संवाद)
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यह बातें रविवार को वहां फंसे जिले के ममेरे भाई बहन आकांक्षा और अर्पित ने बताईं। मारपीट का एक वीडियो भी भारतीय छात्रों ने साझा किया है। छात्रों ने भारत के प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह किसी भी तरह से वहां से उन्हें लाने का प्रबंध करें। छात्रों से बातचीत कर परिजन भी बेहद चिंतित हैं।
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पुखरायां के विवेकानंद नगर निवासी शैलेंद्र कटियार की बेटी आकांक्षा व उनका ममेरा भाई अमौली डेरापुर निवासी अर्पित यूक्रेन के खारकीव में फंसे हैं। दोनों वहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। फिलहाल दोनों ने मेट्रो स्टेशन पर डेरा डाल रखा है।
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फोन पर हुई बातचीत में दोनों बताया कि लगातार बमबारी हो रही है। धमाकों की आवाज से दिल दहल रहा है। खाने पीने का पूरा रूटीन बिगड़ा है। मौका मिलने पर खाने का कुछ इंतजाम हो पाता है। 24 घंटे में बमुश्किल एक बार खाना मिल जाए तो बड़ी बात है।
दोनों ने बताया कि कुछ भारतीय छात्र छात्राएं वहां से निकल कर पोलैंड व रोमानिया बार्डर पर पहुंचे थे, लेकिन वहां उनके साथ सुरक्षा कर्मियों ने बुरी तरह से मारपीट की।
आकांक्षा व अर्पित ने देश के प्रधानमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें वहां से लाने की व्यवस्था की जाए। बताया कि सिर पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। डर व दहशत की वजह से भूख प्यास भी मर गई है। दोनों बुरी तरह से परेशान हैं। उनके साथ बिहार प्रांत के भी कई छात्र फंसे हैं।
विकास की सलामती के लिए परिजनों ने कराया हवन
सिकंदरा। गुरदही खुर्द गांव निवासी एक छात्र भी यूक्रेन में फंसा है। उसकी सलामती के लिए रविवार को गांव में परिजनों ने हवन पूजन कराया। हालांकि छात्र के माता-पिता पंजाब में रहते हैं।
गुरदही गांव के सुरेंद्र यादव ने बताया कि छोटे भाई अरविंद यादव का बेटा विकास यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह चार माह पहले वहां गया था। रूस के हमले के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उसके साथ भारत के दो और साथी है। वह एक ही स्थान में रखे गए हैं।
फिलहाल वहां खाने पानी का प्रबंध भी ठीक नहीं है। सुरेंद्र ने बताया कि भाई अरविंद पंजाब के मनसा में रहकर कृषि विभाग में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी सरिता घर में रहती हैं। बड़ा बेटा चंडीगढ़ में साफ्टवेयर इंजीनियर है।
जब से यूक्रेन में रूस के हमले की जानकारी मिली है तब से पूरा परिवार परेशान है। उसकी सलामती के लिए रविवार को घर में हवन पूजन कराया गया है। ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है। प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर उसे सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। (संवाद)