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Kanpur: सुरक्षा गार्डों ने हैलट का काम छोड़ा, डॉक्टरों से हुआ था विवाद, प्राचार्य ने गठित की जांच कमेटी

Thu, 05 Sep 2024 05:12 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 05 Sep 2024 05:12 PM IST
सार

Kanpur News: प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड सुबह से ड्यूटी पर नहीं आए और बिना लिखित सूचना के चले गए हैं। अस्पताल में दूसरे सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। अस्पताल की व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं है।

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Security guards left work at Hallet, there was dispute with doctors, Principal formed investigation committee
हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर के हैलट में तैनात सैनिक कल्याण निगम के पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्डों ने सुरक्षा व्यवस्था का काम छोड़ दिया है। मंगलवार देर रात जूनियर डॉक्टरों से विवाद और धक्कामुक्की के बाद पूर्व सैनिक सुरक्षा कर्मी बुधवार को ड्यूटी पर नहीं आए। हैलट के अधिकारियों को इतना बताया कि वे अपने अफसर से मिलने जा रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है।

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हैलट में सैनिक कल्याण निगम के 51 पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। मंगलवार देर रात हैलट इमरजेंसी में रोगियों के तीमारदारों की भीड़ अंदर घुस रही थी। भीड़ अंदर न आने देने के चक्कर में जूनियर डॉक्टरों और वहां तैनात सुरक्षा गार्डों में बहस और एक-दूसरे को धकेलने की नौबत आ गई। इस घटना के बाद सुरक्षा गार्ड आक्रोशित हो गए। प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखा जा चुका है और दोनों पक्षों में मारपीट नहीं हुई।
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एक दूसरे से विवाद हुआ है जिसकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। डॉ. काला ने बताया कि निगम के एक अधिकारी से बात हुई है। गुरुवार को निगम के एक आला अधिकारी हैलट आएंगे। प्राचार्य ने कहा कि सुरक्षा गार्डों की तरफ से बताया गया कि उन्हें तीन महीने से वेतन भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि बहुत से सुरक्षा गार्ड ढंग से काम भी नहीं करते हैं जिसकी वजह से इमरजेंसी के बाहर वाहनों की भीड़ लग जाती है।

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जांच के लिए कमेटी गठित की गई
तीमारदारों की भीड़ बढ़ जाने पर डॉक्टरों को काम में दिक्कत होती है। इससे इन सुरक्षा गार्डों की तैनाती की मकसद पूरा नहीं होता। फिलहाल मामले की जांच के लिए डॉ. जीडी यादव, डॉ. आरके सिंह, डॉ. विनय कटियार, डॉ. विकास कटियार, डॉ. अनुराग राजौरिया की कमेटी गठित की गई है।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त
हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड सुबह से ड्यूटी पर नहीं आए और बिना लिखित सूचना के चले गए हैं। अस्पताल में दूसरे सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। अस्पताल की व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं है।

रेजीडेंट को लाठी-डंडे लेकर पीटने आए थे गार्डजीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मंगलवार देर रात पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड जूनियर डॉक्टर को लाठी-डंडे लेकर पीटने के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि बहसा-बहसी के बाद जब मामला शांत हो गया, उसके बाद एक दर्जन गार्ड लाठी-डंडे लेकर आए। यह देखकर हैलट इमरजेंसी में तैनात दूसरे डॉक्टरों ने रेजीडेंट डॉक्टर को छिपा दिया था। बात बेवजह आगे न बढ़े, इस चक्कर में इमरजेंसी के डॉक्टरों ने किसी को फोन नहीं किया। अगर रेजीडेंट डॉक्टर मिल जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। डॉ. काला का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है।

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