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एसडीएम ने पुलिसवालों को माफ किया
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Wed, 25 May 2016 01:22 AM IST
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कलक्ट्रेट सभागार में मीटिंग करते अफसर।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। आईपीएल मैच (21 मई) के दौरान ग्रीनपार्क स्टेडियम के गेट नंबर छह पर एसडीएम घाटमपुर सुखवीर सिंह यादव से मारपीट के मामले में मंगलवार को सुलह हो गई। पुलिस की तरफ से पीसीएस अधिकारी से माफी मंगाने का प्रस्ताव आया था, जिसे पीसीएस अफसरों ने खारिज कर दिया। साथ ही आरोपी पुलिस कर्मचारियों को माफ कर दिया। कलक्ट्रेट सभागार में मीटिंग करके हड़ताल खत्म करने का एलान किया। देर शाम अफसरों ने कामकाज भी निपटाया।
एसडीएम घाटमपुर से पुलिस कर्मचारियों की मारपीट और मामले में रिपोर्ट न होने से नाराज पीसीएस अधिकारियों ने मंगलवार को कलमबंद हड़ताल कर दी। जिले के सभी एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम ने कामकाज नहीं किया। पीसीएस अधिकारियों के समर्थन में कलक्ट्रेट कर्मचारी एसोसिएशन और तहसील एसोसिएशन ने भी कामकाज ठप रखा। इसी का नतीजा रहा कि सदर, बिल्हौर, घाटमपुर और नर्वल तहसील क्षेत्र में सब कुछ बंद रहा। कलक्ट्रेट (डीएम दफ्तर) में सन्नाटा पसरा रहा। सभी एडीएम, एसडीएम और एसीएम के कार्यालयों में ताला लटक गया। इससे पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बढ़ा और आनन-फानन में एफआईआर कराने की पहल की गई। इस सिलसिले में अधिकारियोें ने कलक्ट्रेट हाॅल में मीटिंग की। इसी बीच रीजेंसी अस्पताल में भर्ती एसडीएम सुखवीर सिंह यादव कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे। सभागार में तहरीर लिखी गई लेकिन ऐन वक्त पर एफआईआर कराने का फैसला टाल दिया गया। कहा कि पुलिस की तरफ से एसडीएम घाटमपुर से माफी का प्रस्ताव आया है। ऐसा करना अनुचित है। इस मामले को यहीं खत्म करना ठीक रहेगा। एडीएम फाइनेंस ने हड़ताल खत्म किए जाने की पुष्टि की है।
पुलिस ने दिखाई अराजकता
एसडीएम घाटमपुर सुखवीर सिंह यादव मंगलवार को मीडिया के सामने आए। कहा कि आईपीएल मैच के दौरान जो जिम्मेदारी मिली थी, उसका निर्वहन कर रहा था। पुलिस ने अराजकता दिखाई और मारपीट की। इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भी है। इसके बावजूूद मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इसका संज्ञान खुद पुलिस को लेना चाहिए था। सुखवीर मूल रूप से इटावा के रहने वाले हैं।
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एसडीएम घाटमपुर से पुलिस कर्मचारियों की मारपीट और मामले में रिपोर्ट न होने से नाराज पीसीएस अधिकारियों ने मंगलवार को कलमबंद हड़ताल कर दी। जिले के सभी एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम ने कामकाज नहीं किया। पीसीएस अधिकारियों के समर्थन में कलक्ट्रेट कर्मचारी एसोसिएशन और तहसील एसोसिएशन ने भी कामकाज ठप रखा। इसी का नतीजा रहा कि सदर, बिल्हौर, घाटमपुर और नर्वल तहसील क्षेत्र में सब कुछ बंद रहा। कलक्ट्रेट (डीएम दफ्तर) में सन्नाटा पसरा रहा। सभी एडीएम, एसडीएम और एसीएम के कार्यालयों में ताला लटक गया। इससे पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बढ़ा और आनन-फानन में एफआईआर कराने की पहल की गई। इस सिलसिले में अधिकारियोें ने कलक्ट्रेट हाॅल में मीटिंग की। इसी बीच रीजेंसी अस्पताल में भर्ती एसडीएम सुखवीर सिंह यादव कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे। सभागार में तहरीर लिखी गई लेकिन ऐन वक्त पर एफआईआर कराने का फैसला टाल दिया गया। कहा कि पुलिस की तरफ से एसडीएम घाटमपुर से माफी का प्रस्ताव आया है। ऐसा करना अनुचित है। इस मामले को यहीं खत्म करना ठीक रहेगा। एडीएम फाइनेंस ने हड़ताल खत्म किए जाने की पुष्टि की है।
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पुलिस ने दिखाई अराजकता
एसडीएम घाटमपुर सुखवीर सिंह यादव मंगलवार को मीडिया के सामने आए। कहा कि आईपीएल मैच के दौरान जो जिम्मेदारी मिली थी, उसका निर्वहन कर रहा था। पुलिस ने अराजकता दिखाई और मारपीट की। इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भी है। इसके बावजूूद मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इसका संज्ञान खुद पुलिस को लेना चाहिए था। सुखवीर मूल रूप से इटावा के रहने वाले हैं।
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