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डरी छात्राओं ने स्कूल जाना छोड़ा
अमर उजाला ब्यूूराो, कानपुर देहात।
Updated Fri, 08 Jan 2016 01:01 AM IST
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एक गांव में छात्रा से रेप के प्रयास की घटना के बाद आस-पास के स्कूलों
में लड़कियों की उपस्थित घटकर आधी रह गई है। घटना के चौथे दिन गुरुवार को
भी स्कूलों में छात्राओं की संख्या कम रही।
झींझक के एक गांव में स्कूल जा रही कक्षा-10 की छात्रा (16) से गांव के ही दबंगों ने सोमवार सुबह खेतों में खींचकर रेप का प्रयास किया था। परिजनों ने गांव के प्रदीप, सतेंद्र और अशोक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन अभी तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका।
उधर इस घटना के बाद से आस-पास के गांवों के स्कूलों में भी छात्राएं जाने से डर रही हैं। गांव के पास स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कुल 28 बच्चों में 16 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका श्रीकांती ने बताया कि घटना के भय से अभिभावक, बच्चियों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। पास स्थित पालपुर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 40 बच्चों में से 23 छात्राएं हैं, जहां मात्र 15 लड़कियां स्कूल पहुंची।
बता दें जिस स्कूल में पीड़िता पढ़ती थी, वहां 428 छात्राओं में 242 लड़कियां स्कूल पहुंची। कॉलेज की प्रधानाचार्या संतोष गुप्ता ने बताया कि छात्राएं स्कूल कम आ रही हैं। इधर, गुरुवार को एसडीएम डेरापुर राजीव पांडेय ने स्कूलों का दौराकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव जाकर अभिभावकों और छात्राओं के मन से डर निकालें और उन्हें स्कूल जाने को प्रेरित करें।
उधर, सीओ डेरापुर ने बताया कि आरोपियों पर पाक्सो एक्ट भी लगा दिया गया है। उनकी तलाश के लिए दबिशें दी जा रही हैं। एक-दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झींझक के एक गांव में स्कूल जा रही कक्षा-10 की छात्रा (16) से गांव के ही दबंगों ने सोमवार सुबह खेतों में खींचकर रेप का प्रयास किया था। परिजनों ने गांव के प्रदीप, सतेंद्र और अशोक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन अभी तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका।
उधर इस घटना के बाद से आस-पास के गांवों के स्कूलों में भी छात्राएं जाने से डर रही हैं। गांव के पास स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कुल 28 बच्चों में 16 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका श्रीकांती ने बताया कि घटना के भय से अभिभावक, बच्चियों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। पास स्थित पालपुर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 40 बच्चों में से 23 छात्राएं हैं, जहां मात्र 15 लड़कियां स्कूल पहुंची।
बता दें जिस स्कूल में पीड़िता पढ़ती थी, वहां 428 छात्राओं में 242 लड़कियां स्कूल पहुंची। कॉलेज की प्रधानाचार्या संतोष गुप्ता ने बताया कि छात्राएं स्कूल कम आ रही हैं। इधर, गुरुवार को एसडीएम डेरापुर राजीव पांडेय ने स्कूलों का दौराकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव जाकर अभिभावकों और छात्राओं के मन से डर निकालें और उन्हें स्कूल जाने को प्रेरित करें।
उधर, सीओ डेरापुर ने बताया कि आरोपियों पर पाक्सो एक्ट भी लगा दिया गया है। उनकी तलाश के लिए दबिशें दी जा रही हैं। एक-दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।