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फिर चर्चा में आया आईआईटी कानपुर का एससी-एसटी मामला, प्रशासन ने उठाया ये बड़ा कदम
Mon, 07 Jan 2019 01:22 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 07 Jan 2019 01:22 PM IST
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आईआईटी कानपुर
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आईआईटी कानपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला के उत्पीड़न मामले के बाद इंस्टीट्यूट प्रशासन ने नए एससी-एसटी, ओबीसी ऑफिसर के तौर पर ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. आरके सचान को नियुक्त किया है। अभी तक इस पद की जिम्मेदारी एयरोस्पेस विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. कमल पोद्दार निभा रहे थे।
प्रो. पोद्दार को हटाने के लिए छह माह पहले नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कॉस्ट (एनसीएससी) ने आदेश भी दिया था। हालांकि बाद में इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था। प्रो. पोद्दार को 2015 में इंस्टीट्यूट ने एसी-एससी, ओबीसी और फिजिकली हैंडीकैप्ड सेल के लिए लाइजन ऑफिसर नियुक्त किया था।
उनका कार्यकाल तीन वर्ष के लिए था। बताया जाता है कि प्रो. पोद्दार का कार्यकाल बढ़ने वाला था लेकिन डॉ. सडरेला विवाद की वजह से उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी नहीं दी गई।
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प्रो. पोद्दार को हटाने के लिए छह माह पहले नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कॉस्ट (एनसीएससी) ने आदेश भी दिया था। हालांकि बाद में इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था। प्रो. पोद्दार को 2015 में इंस्टीट्यूट ने एसी-एससी, ओबीसी और फिजिकली हैंडीकैप्ड सेल के लिए लाइजन ऑफिसर नियुक्त किया था।
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उनका कार्यकाल तीन वर्ष के लिए था। बताया जाता है कि प्रो. पोद्दार का कार्यकाल बढ़ने वाला था लेकिन डॉ. सडरेला विवाद की वजह से उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी नहीं दी गई।
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आईआईटी कानपुर
कोर्ट में जवाब दाखिल करने की तैयारी
डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से मांगे गए जवाब को दाखिल करने की तैयारी तेज हो गई है। इसमें आईआईटी प्रशासन, डॉ. सडरेला और प्रदेश सरकार से कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा था। बताया जाता है कि इंस्टीट्यूट प्रशासन और डॉ. सडरेला अगले एक सप्ताह में जवाब दाखिल कर देंगे। अभी कोर्ट ने सुनवाई की तारीख तय नहीं की है।
हिंदी सेल के प्रभारी बने प्रो. कांतेश बलानी
आईआईटी निदेशक ने मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. कांतेश बलानी को हिंदी सेल (राजभाषा प्रकोष्ठ) का नया प्रभारी नियुक्त किया है। प्रो. कांतेश का कार्यकाल दो वर्ष के लिए होगा। अभी तक इस पद की जिम्मेदारी प्रो. एके शर्मा निभा रहे थे।
ग्रीन सेल गठित, प्रो. निशिथ बने प्रभारी
आईआईटी में शनिवार को ग्रीन सेल का भी गठन हो गया। इस सेल का काम होगा कि वह कैंपस में हरियाली कायम रखने के लिए काम करे। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. निशिथ वर्मा को सेल का प्रभारी बनाया गया है। सचिव आर गर्ग होंगे। प्रो. एसके मिश्रा, प्रो. सैकत चक्रवर्ती, प्रो. अरुण के साहा, प्रो. प्रिशाती रॉय चौधरी, प्रो. अनुभा गोयल, प्रो. एसके मिश्रा और प्रो. शिवम त्रिपाठी को सदस्य बनाया गया है।
डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से मांगे गए जवाब को दाखिल करने की तैयारी तेज हो गई है। इसमें आईआईटी प्रशासन, डॉ. सडरेला और प्रदेश सरकार से कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा था। बताया जाता है कि इंस्टीट्यूट प्रशासन और डॉ. सडरेला अगले एक सप्ताह में जवाब दाखिल कर देंगे। अभी कोर्ट ने सुनवाई की तारीख तय नहीं की है।
हिंदी सेल के प्रभारी बने प्रो. कांतेश बलानी
आईआईटी निदेशक ने मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. कांतेश बलानी को हिंदी सेल (राजभाषा प्रकोष्ठ) का नया प्रभारी नियुक्त किया है। प्रो. कांतेश का कार्यकाल दो वर्ष के लिए होगा। अभी तक इस पद की जिम्मेदारी प्रो. एके शर्मा निभा रहे थे।
ग्रीन सेल गठित, प्रो. निशिथ बने प्रभारी
आईआईटी में शनिवार को ग्रीन सेल का भी गठन हो गया। इस सेल का काम होगा कि वह कैंपस में हरियाली कायम रखने के लिए काम करे। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. निशिथ वर्मा को सेल का प्रभारी बनाया गया है। सचिव आर गर्ग होंगे। प्रो. एसके मिश्रा, प्रो. सैकत चक्रवर्ती, प्रो. अरुण के साहा, प्रो. प्रिशाती रॉय चौधरी, प्रो. अनुभा गोयल, प्रो. एसके मिश्रा और प्रो. शिवम त्रिपाठी को सदस्य बनाया गया है।