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आईआईटी निदेशक पर कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति से मांगी अनुमति, ये है पूरा मामला
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:58 PM IST
सार
- बीओजी के मिनट्स हुए जारी, 27 नवंबर तक मांगा गया जवाब
- आईआईटी कानपुर के दलित अस्टिेंट प्रोफेसर के उत्पीड़न का मामला
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आईआईटी कानपुर
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विस्तार
आईआईटी कानपुर में दलित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला के उत्पीड़न मामले में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) के फैसले को लागू करने का काम भी शुरू हो गया है। दलित उत्पीड़न में दोषी पाए गए चारों प्रोफेसरों को मिनट्स की कॉपी देते हुए 27 नवंबर तक उनसे जवाब मांगा गया है।
17 अक्तूबर को हुई बोर्ड बैठक के मिनट्स शनिवार को जारी किए गए। मिनट्स के मुताबिक दोषी पाए गए प्रो. संजय मित्तल की हाई एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रांट (एचएजी) रोकी गई है। एक साल तक प्रो. मित्तल खुद को सीनियर प्रोफेसर नहीं कह पाएंगे। उन्हें सातवें वेतनआयोग का लाभ भी एक साल तक नहीं दिया जाएगा। दूसरे प्रो. सीएस उपाध्याय को एक साल के लिए एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया है।
आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर पर डिमोशन की कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी मांगी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि सीधे आईआईटी कानपुर प्रशासन धनबाद के निदेशक पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है। वहीं प्रो. ईशान शर्मा को कड़ी चेतावनी दी गई है।
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17 अक्तूबर को हुई बोर्ड बैठक के मिनट्स शनिवार को जारी किए गए। मिनट्स के मुताबिक दोषी पाए गए प्रो. संजय मित्तल की हाई एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रांट (एचएजी) रोकी गई है। एक साल तक प्रो. मित्तल खुद को सीनियर प्रोफेसर नहीं कह पाएंगे। उन्हें सातवें वेतनआयोग का लाभ भी एक साल तक नहीं दिया जाएगा। दूसरे प्रो. सीएस उपाध्याय को एक साल के लिए एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया है।
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आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर पर डिमोशन की कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी मांगी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि सीधे आईआईटी कानपुर प्रशासन धनबाद के निदेशक पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है। वहीं प्रो. ईशान शर्मा को कड़ी चेतावनी दी गई है।
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आईआईटी कानपुर
कौन हैं ये प्रोफेसर
प्रो. राजीव शेखर
-1982 में आईआईटी कानपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1985 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से एमएस (मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग)
-1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
-वर्तमान में आईआईटी धनबाद के निदेशक
प्रो. सीएस उपाध्याय
-1991 में आईआईटी खड़गपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से बीटेक
-1993 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से एमए
-1997 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. संजय मित्तल
-1988 में आईआईटी कानपुर से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1990 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से एमएस
-1992 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. ईशान शर्मा
-1999 में आईआईटी कानपुर से बीटेक
-2004 में कोरनेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. राजीव शेखर
-1982 में आईआईटी कानपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1985 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से एमएस (मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग)
-1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
-वर्तमान में आईआईटी धनबाद के निदेशक
प्रो. सीएस उपाध्याय
-1991 में आईआईटी खड़गपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से बीटेक
-1993 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से एमए
-1997 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. संजय मित्तल
-1988 में आईआईटी कानपुर से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1990 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से एमएस
-1992 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. ईशान शर्मा
-1999 में आईआईटी कानपुर से बीटेक
-2004 में कोरनेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर