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सावन आज सेः भगवान शिव के गुस्से से बचने के लिए न करें ये काम
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 28 Jul 2018 04:56 PM IST
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दूसरों का धन अपना बनाने की चाह रखना, पैसों की हेराफेरी करना और धन-संपत्ति लूटना भी पाप की श्रेणी में आता
आषाढ़ जाते-जाते भरपूर बारिश हुई, अब सावन की शुरुआत से बारिश होने की संभावना और बढ़ गई है। सावन भगवान शिव को समर्पित होता है, कहा जाता है यह महीना शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा है।
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दूसरे के पति या पत्नी पर बुरी नजर रखना या उसे पाने की इच्छा करना भी पाप की श्रेणी में आता है
2. दूसरों का धन अपना बनाने की चाह रखना, पैसों की हेराफेरी करना और धन-संपत्ति लूटना भी पाप की श्रेणी में आता है। भगवान शिव के लिए यह अक्षम्य अपराध है.
भगवान शिव की नजरों में हर हाल में माफी ना देने योग्य पाप
3. किसी भोलेभाले और निरपराध इंसान को कष्ट देना, उसे नुकसान पहुंचाना या उसके लिए बाधाएं पैदा करने की योजना बनाना या ऐसी सोच रखना भगवान शिव की नजरों में हर हाल में माफी ना देने योग्य पाप है।
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बुरी सोच रखने के कारण भी पाप के हकदार और दंड की श्रेणी में आ जाते हैं
4. कुछ लोग रास्ता भटक जाते हैं, पर सही निर्देश मिलने पर वापस सही रास्ते पर आ जाते हैं। लेकन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सही सुझाव मिलने के बावजूद बुराई का साथ नहीं छोड़ते और बुरी राह को खुद चुनते हैं। ऐसे लोगों के पाप अक्षम्य होते हैं।
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आपकी बोली अक्षम्य पापों का हकदार भी बना सकती है
5. शिव पुराण के अनुसार जिस प्रकार आप किसी का बुरा नहीं करने के बावजूद, उसके लिए बुरी सोच रखने के कारण भी पाप के हकदार और दंड की श्रेणी में आ जाते हैं। उसी प्रकार भले ही आपने अपने कार्य से किसी का बुरा ना किया हो, लेकिन आपकी बोली अक्षम्य पापों का हकदार भी बना सकती है।
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