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Kanpur News: मेडिक्लेम भुगतान में कमीशन मांगने वाला सफाईकर्मी निलंबित
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कानपुर। मेडिक्लेम के बिलों का भुगतान कराने के नाम पर सफाईकर्मी से कमीशन मांगने के आरोप में जिला पंचायत राज कार्यालय में आठ वर्षों से संबद्ध सफाईकर्मी रविंद्र चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है। मामले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे जैन ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है।
जिला पंचायत राज कार्यालय में सफाईकर्मी रविंद्र चौरसिया को शुरुआत में लेखाकार के सहयोग के लिए लगाया गया था। इसके बाद वह अलग-अलग पटलों पर सहायक के रूप में काम करता रहा। वर्तमान में वह स्थापना पटल की बाबू मंजू कमल के साथ संबद्ध था। यहां वह पंचायत सचिवों और सफाईकर्मियों से जुड़े सेवा अभिलेख, भुगतान समेत अन्य प्रशासनिक कार्य देख रहा था। सोमवार को रविंद्र चौरसिया के कई ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें वह तीन लाख रुपये के मेडिकल बिल का भुगतान कराने के लिए 50 हजार रुपये कमीशन मांगता सुनाई दे रहा है। इस पर सीडीओ के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार ने रविंद्र चौरसिया को निलंबित कर दिया। उसे सरसौल ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए परियोजना अधिकारी आलोक कुमार और अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अभिलाष बाबू को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
पंचायत राज कार्यालय में बाबुओं की जगह संभाल रहे सफाईकर्मी
जिला पंचायत राज कार्यालय में बाबुओं की कमी के कारण सफाईकर्मियों को विभिन्न पटलों से संबद्ध किया गया है। वर्तमान समय में कार्यालय में बाबू मंजू कमल स्टेबलिसमेंट का पटल संभाल रहीं हैं। दीप्ती ऑडिट पटल, रश्मि डिस्पैच और ग्राम पंचायत अधिकारी रफत सिद्दिकी शिकायत पटल संभाल रही हैं। इन सभी पटलों में सहायक के रूप में करीब आठ से नौ सफाईकर्मी संबद्ध हैं। जो कार्यालय में वास्तविक बाबुओं की भूमिका निभा रहे हैं जब कि इनकी कागजों में तैनाती ग्राम पंचायतों में है। वर्तमान समय में डीपीआरओ कार्यालय में सफाईकर्मी मेराजुद्दीन, मयंक, रेखा, जसवंत, रमेश शर्मा, दीपमाला, पूनम यादव, संतोष कठेरिया, राजेंद्र, बालेंद्र, राजेश, जय प्रकाश, विनोद सिंह, मनोज सैनी, अभिषेक तैनात हैं। कॉल सेंटर में राघवेंद्र, नसीम, अमरदीप, अश्वनी, ऋषभ और आपरेटर के रूप में अमित, मालती दास, संतोष कुशवाहा तैनात हैं। जो कार्यालय के अन्य काम संभाल रहे हैं।
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जिला पंचायत राज कार्यालय में सफाईकर्मी रविंद्र चौरसिया को शुरुआत में लेखाकार के सहयोग के लिए लगाया गया था। इसके बाद वह अलग-अलग पटलों पर सहायक के रूप में काम करता रहा। वर्तमान में वह स्थापना पटल की बाबू मंजू कमल के साथ संबद्ध था। यहां वह पंचायत सचिवों और सफाईकर्मियों से जुड़े सेवा अभिलेख, भुगतान समेत अन्य प्रशासनिक कार्य देख रहा था। सोमवार को रविंद्र चौरसिया के कई ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें वह तीन लाख रुपये के मेडिकल बिल का भुगतान कराने के लिए 50 हजार रुपये कमीशन मांगता सुनाई दे रहा है। इस पर सीडीओ के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार ने रविंद्र चौरसिया को निलंबित कर दिया। उसे सरसौल ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए परियोजना अधिकारी आलोक कुमार और अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अभिलाष बाबू को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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पंचायत राज कार्यालय में बाबुओं की जगह संभाल रहे सफाईकर्मी
जिला पंचायत राज कार्यालय में बाबुओं की कमी के कारण सफाईकर्मियों को विभिन्न पटलों से संबद्ध किया गया है। वर्तमान समय में कार्यालय में बाबू मंजू कमल स्टेबलिसमेंट का पटल संभाल रहीं हैं। दीप्ती ऑडिट पटल, रश्मि डिस्पैच और ग्राम पंचायत अधिकारी रफत सिद्दिकी शिकायत पटल संभाल रही हैं। इन सभी पटलों में सहायक के रूप में करीब आठ से नौ सफाईकर्मी संबद्ध हैं। जो कार्यालय में वास्तविक बाबुओं की भूमिका निभा रहे हैं जब कि इनकी कागजों में तैनाती ग्राम पंचायतों में है। वर्तमान समय में डीपीआरओ कार्यालय में सफाईकर्मी मेराजुद्दीन, मयंक, रेखा, जसवंत, रमेश शर्मा, दीपमाला, पूनम यादव, संतोष कठेरिया, राजेंद्र, बालेंद्र, राजेश, जय प्रकाश, विनोद सिंह, मनोज सैनी, अभिषेक तैनात हैं। कॉल सेंटर में राघवेंद्र, नसीम, अमरदीप, अश्वनी, ऋषभ और आपरेटर के रूप में अमित, मालती दास, संतोष कुशवाहा तैनात हैं। जो कार्यालय के अन्य काम संभाल रहे हैं।
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