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Kanpur News: तीन हजार मृतक किसानों को मिली सम्मान निधि सिस्टम की खामी से नहीं लौटा पा रहे परिजन
Fri, 25 Sep 2026 01:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:53 AM IST
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कानपुर देहात। तीन हजार किसानों की मौत के बाद भी उनके खाते में किसान सम्मान निधि का पैसा भेज दिया गया। जब प्रशासन को इस बात की जानकारी हुई तो उसने परिजन से राशि लौटाने को कहा। दरअसल इन मृतक किसानों के आधार कार्ड मोबाइल से लिंक न होने से यह दिक्कत आ रही है। ऐसे में परिजन सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जनपद में किसान सम्मान निधि के लिए कुल 3,75,375 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 2,73,731 किसानों को मिलता निधि की राशि मिलती है। निधि के दस हजार लाभार्थी किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें से करीब तीन हजार से अधिक किसानों के खाते में निधि की कम से कम एक किस्त (दो हजार रुपये) और अधिकतम दो किस्तें (चार हजार रुपये) आ गईं। मृतकों के परिजन ने उप निदेशक कृषि कार्यालय में सूचना दी इसके बाद किस्तें रोकने की प्रक्रिया की गई। इसके पहले किस्तें आ चुकी थीं। अब आगे की किस्तें रुक गई, लेकिन पूर्व में आ चुकी किस्तें चाहकर भी परिजन लौटा नहीं पा रहे हैं।
वर्जन
पहले केंद्र सरकार ने बैंक खाता नंबर दिया था। इस खाते में किस्तें लौटाई जाती थी। अब वह व्यवस्था बंद है। पोर्टल से ही किस्तें लौटाने का विकल्प है। मृतक किसान के आधार लिंक, मोबाइल नंबर पर ओटीपी मिलने पर किस्त वापसी की प्रक्रिया पूरी होती है। कई किसान मृतक हैं तो उसके खाते में आयी किस्त मोबाइल नंबर आधार में लिंक न होने या फिर लिंक मोबाइल नंबर स्थायी तौर पर बंद होने से किस्तें वापस नहीं हो पा रही है।
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- हरिशंकर भार्गव, उपनिदेशक कृषि
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केस एक
रसूलाबाद के दलिकपुर महराज निवासी हरिओम ने बताया कि बड़े भाई श्रीकांत को किसान सम्मान निधि मिलती थी। उनकी मृत्यु 27 जनवरी 2026 को हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने किस्तें रोकने के लिए आवेदन किया, लेकिन मार्च में दो हजार रुपये की किस्त उनके खाते में भेज दी गई। इसके बाद एक किस्त और भेजी गई। अब कुल चार हजार रुपये लौटाने हैं। जनसेवा केंद्र से पोर्टल पर किस्तें लौटने गए तो वहां मोबाइल पर ओटीपी की प्रक्रिया बताई गई। मृतक भाई के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं था।
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केस दो
झींझक के मनीष ने बताया कि पत्नी को भी सम्मान निधि की किस्तें मिली। अब वह पत्नी के खाते में आयी कई किस्तें लौटाना चाहते हैं। नियम के तहत परिवार के केवल एक व्यक्ति को ही सम्मान निधि मिल सकती है। जनसेवा केंद्र गए तो वहां आधार में मोबाइल नंबर लिंक होने पर ही धनराशि वापसी के विकल्प की जानकारी दी गई। पत्नी के आधार में मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने की वजह से किस्त नहीं लौटा सके।
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जनपद में किसान सम्मान निधि के लिए कुल 3,75,375 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 2,73,731 किसानों को मिलता निधि की राशि मिलती है। निधि के दस हजार लाभार्थी किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें से करीब तीन हजार से अधिक किसानों के खाते में निधि की कम से कम एक किस्त (दो हजार रुपये) और अधिकतम दो किस्तें (चार हजार रुपये) आ गईं। मृतकों के परिजन ने उप निदेशक कृषि कार्यालय में सूचना दी इसके बाद किस्तें रोकने की प्रक्रिया की गई। इसके पहले किस्तें आ चुकी थीं। अब आगे की किस्तें रुक गई, लेकिन पूर्व में आ चुकी किस्तें चाहकर भी परिजन लौटा नहीं पा रहे हैं।
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पहले केंद्र सरकार ने बैंक खाता नंबर दिया था। इस खाते में किस्तें लौटाई जाती थी। अब वह व्यवस्था बंद है। पोर्टल से ही किस्तें लौटाने का विकल्प है। मृतक किसान के आधार लिंक, मोबाइल नंबर पर ओटीपी मिलने पर किस्त वापसी की प्रक्रिया पूरी होती है। कई किसान मृतक हैं तो उसके खाते में आयी किस्त मोबाइल नंबर आधार में लिंक न होने या फिर लिंक मोबाइल नंबर स्थायी तौर पर बंद होने से किस्तें वापस नहीं हो पा रही है।
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- हरिशंकर भार्गव, उपनिदेशक कृषि
केस एक
रसूलाबाद के दलिकपुर महराज निवासी हरिओम ने बताया कि बड़े भाई श्रीकांत को किसान सम्मान निधि मिलती थी। उनकी मृत्यु 27 जनवरी 2026 को हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने किस्तें रोकने के लिए आवेदन किया, लेकिन मार्च में दो हजार रुपये की किस्त उनके खाते में भेज दी गई। इसके बाद एक किस्त और भेजी गई। अब कुल चार हजार रुपये लौटाने हैं। जनसेवा केंद्र से पोर्टल पर किस्तें लौटने गए तो वहां मोबाइल पर ओटीपी की प्रक्रिया बताई गई। मृतक भाई के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं था।
केस दो
झींझक के मनीष ने बताया कि पत्नी को भी सम्मान निधि की किस्तें मिली। अब वह पत्नी के खाते में आयी कई किस्तें लौटाना चाहते हैं। नियम के तहत परिवार के केवल एक व्यक्ति को ही सम्मान निधि मिल सकती है। जनसेवा केंद्र गए तो वहां आधार में मोबाइल नंबर लिंक होने पर ही धनराशि वापसी के विकल्प की जानकारी दी गई। पत्नी के आधार में मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने की वजह से किस्त नहीं लौटा सके।