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वही सादगी, वही सरल स्वभाव नहीं बदले आपने रामनाथ
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कानपुर देहात। रूरा स्टेशन पर एक तरफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लोगों को संबोधित किया दूसरी प्लेटफार्म के नीचे बैठे रूरा के लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की। पांडाल में बैठे बुजुर्गों ने कहा कि जैसे पहले सादगी व सरल स्वभाव के थे, वैसे आज भी अपने रामनाथ है।
प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, वकालत से लेकर राज्यसभा सांसद, बिहार राज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की दूरी तय करने में रामनाथ कोविंद के जीवन में कई चीजों में बदलाव देखने को मिला, अगर कुछ नहीं बदला तो वह उनका सरल स्वभाव और लोगों से बातचीत के दौरान उनकी आत्मीयता। शुक्रवार को वह झींझक व रूरा स्टेशन पर करीब बीस व 19 मिनट तक लोगों को संबोधित किया।
इस दौरान वह कई बार भावुक भी हुए। पूरे संबोधन के दौरान उनका सरल स्वभाव और लोगों से बातचीत करने का तरीका नहीं बदला। यही कारण है कि उनकी राजनैतिक जीवन में भी उन्हें लोगों का खूब प्यार व लगाव देखने को मिलता था। जो आज भी देखने को मिला। जब उन्होंने झींझक, रूरा कस्बा सहित क्षेत्र के लोगों की चर्चा की तो लोगों ने जमकर तारीफ की। पंडाल में बैठा हर कोई उनके स्वभाव की चर्चा करता मिला।
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राष्ट्रपति के विचार सुन बुजुर्ग व अफसर हुए भावुक
कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ के करीब 19 मिनट के संबोधन को लोगों ने बेहद गंभीरता सुना। झींझक व रूरा स्टेशन पर उन्होंने अपने पुराने दिनों की याद किया। इस दौरान राष्ट्रपति कई बार भावुक हुए। यहीं नहीं उनकी बातों को सुनकर रूरा में बनाए गए पांडाल में बैठे न केवल बुजुर्ग बल्कि वहां तैनात एक सीओ बैजनाथ प्रसाद भी भावुक हो गया। उन्होंने इशारों में वहां बैठे लोगों से कुछ सीखने को कहा।
राष्ट्रपति से मिलने वाले शिक्षकों पर हो सकती कार्रवाई
कानपुर देहात। राष्ट्रपति से मिलने के लिए दो शिक्षकों को प्राथमिक व जूनियर शिक्षक संघ का जिलाध्यक्ष बताते हुए उनका नाम सूची में डाल दिया गया। जानकारी के बाद वास्तविक जिलाध्यक्ष ने बीएसए से शिकायत की। अब उन पर कार्रवाई के लिए बीएसए ने एडीएम को रिपोर्ट भेजी है। शुक्रवार को झींझक रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रपति से मिलने के लिए बनाई गई सूची में फर्जीवाड़ा कर दिया गया।
सूची में यादुवेंद्र प्रताप को प्राथमिक व डॉ. राजेश कुमार को जूनियर शिक्षक संघ का जिलाध्यक्ष बता दिया गया। सूची वायरल होने के बाद जिले में चर्चा का विषय बन गया। जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह राजावत ने मामले की लिखित शिकायत बीएसए सुनील दत्त से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने जांच शुरू कर दी। बीएसए ने बताया कि डॉ. राजेश कुमार नाम का जिले में कोई शिक्षक ही नहीं है।
जबकि यादुवेंद्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नहीं है। इसकी पुष्टि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने की है। एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द ही इन पर कार्रवाई हो सकती है। बड़ी बात यह है कि दोनों लोग आज राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे। इसे प्रशासन की चूक कहें या लापरवाही।
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प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, वकालत से लेकर राज्यसभा सांसद, बिहार राज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की दूरी तय करने में रामनाथ कोविंद के जीवन में कई चीजों में बदलाव देखने को मिला, अगर कुछ नहीं बदला तो वह उनका सरल स्वभाव और लोगों से बातचीत के दौरान उनकी आत्मीयता। शुक्रवार को वह झींझक व रूरा स्टेशन पर करीब बीस व 19 मिनट तक लोगों को संबोधित किया।
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इस दौरान वह कई बार भावुक भी हुए। पूरे संबोधन के दौरान उनका सरल स्वभाव और लोगों से बातचीत करने का तरीका नहीं बदला। यही कारण है कि उनकी राजनैतिक जीवन में भी उन्हें लोगों का खूब प्यार व लगाव देखने को मिलता था। जो आज भी देखने को मिला। जब उन्होंने झींझक, रूरा कस्बा सहित क्षेत्र के लोगों की चर्चा की तो लोगों ने जमकर तारीफ की। पंडाल में बैठा हर कोई उनके स्वभाव की चर्चा करता मिला।
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राष्ट्रपति के विचार सुन बुजुर्ग व अफसर हुए भावुक
कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ के करीब 19 मिनट के संबोधन को लोगों ने बेहद गंभीरता सुना। झींझक व रूरा स्टेशन पर उन्होंने अपने पुराने दिनों की याद किया। इस दौरान राष्ट्रपति कई बार भावुक हुए। यहीं नहीं उनकी बातों को सुनकर रूरा में बनाए गए पांडाल में बैठे न केवल बुजुर्ग बल्कि वहां तैनात एक सीओ बैजनाथ प्रसाद भी भावुक हो गया। उन्होंने इशारों में वहां बैठे लोगों से कुछ सीखने को कहा।
राष्ट्रपति से मिलने वाले शिक्षकों पर हो सकती कार्रवाई
कानपुर देहात। राष्ट्रपति से मिलने के लिए दो शिक्षकों को प्राथमिक व जूनियर शिक्षक संघ का जिलाध्यक्ष बताते हुए उनका नाम सूची में डाल दिया गया। जानकारी के बाद वास्तविक जिलाध्यक्ष ने बीएसए से शिकायत की। अब उन पर कार्रवाई के लिए बीएसए ने एडीएम को रिपोर्ट भेजी है। शुक्रवार को झींझक रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रपति से मिलने के लिए बनाई गई सूची में फर्जीवाड़ा कर दिया गया।
सूची में यादुवेंद्र प्रताप को प्राथमिक व डॉ. राजेश कुमार को जूनियर शिक्षक संघ का जिलाध्यक्ष बता दिया गया। सूची वायरल होने के बाद जिले में चर्चा का विषय बन गया। जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह राजावत ने मामले की लिखित शिकायत बीएसए सुनील दत्त से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने जांच शुरू कर दी। बीएसए ने बताया कि डॉ. राजेश कुमार नाम का जिले में कोई शिक्षक ही नहीं है।
जबकि यादुवेंद्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नहीं है। इसकी पुष्टि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने की है। एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द ही इन पर कार्रवाई हो सकती है। बड़ी बात यह है कि दोनों लोग आज राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे। इसे प्रशासन की चूक कहें या लापरवाही।