फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Salimuddin heard the story in the temple when the vow of sister's marriage was completed

बहन की शादी की मन्नत पूरी हुई तो सलीमुद्दीन ने मंदिर में कथा सुनी फिर कराया भंडारा

Sun, 23 Feb 2020 08:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 23 Feb 2020 08:05 PM IST
विज्ञापन
Salimuddin heard the story in the temple when the vow of sister's marriage was completed
बहन की शादी की मन्नत पूरी हुई तो सलीमुद्दीन ने मंदिर में कथा सुन कराया भंडारा - फोटो : अमर उजाला
उन्नाव में सफीपुर ब्लाक के ओसियां गांव निवासी सलीमुद्दीन ने मजहबी बंदिशो को तोडते हुए गांव के हिंदू मंदिर में बहन के निकाह की मन्नत मांगी, मंदिर में विराजे भगवान भोलेनाथ ने उनकी मन्नत पूरी की तो सलीमुद्दीन ने मंदिर परिसर में कथा कराई और लोगों को प्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन


पेशे से घर घर चूड़ी बेच अपने परिवार का पोषण करने वाले मुस्लिम समुदाय के सलीमुद्दीन द्वारा गांव के जंगलेश्वर बाबा मंदिर पर कथा के आयोजन के अलावा भंडारा भी आयोजित किया गया। उनका कहना है कि गरीबी के बोझ तले दब जाने पर बहन की शादी के लिए बाबा के दरबार मे मन्नत मानी उनकी कृपा से विवाह हो जाने के बाद कथा कराई।
विज्ञापन


विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम ओसिया निवासी इस्लाम धर्म को मानने वाले सलामुद्दीन पुत्र स्वर्गीय मुन्ना ने ओसिया गांव के जंगलेश्वर महादेव मंदिर पर कथा करवाने की लोगो मे खूब चर्चा हो रही है। कथावाचक कृष्णकुमार शुक्ला द्वारा कथा का समापन कराया गया।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

इस्लाम धर्म को मानने वाले सलामुद्दीन से जब मन्दिर की आस्था और कथा के आयोजन पर बात की गई तो उनका कहना था तीन भाइयों के बीच उसकी नगीना नाम की एक बहन है। जिसके विवाह के लिए चिंतित था घर से कुछ क़दमो पर स्थित मन्दिर के समक्ष से गुजरा तो बहन की शादी के लिए मन्नत मांग ली बाबा ने कृपा की और बहन का विवाह संपन्न हो गया।

सलामुद्दीन की मन्दिर पर आस्था पूर्व से ही है। मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमो में भी वह बढ़ चढ़ कर भाग लेते हैं। संगीतमय कथा में मंजीरा बजाकर सुर देने का कार्य भी करते हैं। सलीमुद्दीन  के भाई निजामुद्दीन और असलम को भाई की गतिविधियों से कोई एतराज नही है।

इस्लाम धर्म को मानने वाले सलामुद्दीन का कहना है कि हम नमाज पढ़ते है अल्लाह की इबादत करते है ईश्वर के नाम बदल जाने से ईश्वर बदल नही जाता उसको दिल से याद करना हमारी जिम्मेदारी है उसने सभी धर्मों के आदर को अपना कर्तव्य बताया। उसका कहना है कि मस्जिद में अल्लाह तो मंदिर में भी ईश्वर है और अल्लाह व ईश्वर में कोई अंतर नहीं माना जा सकता। बस हम उस पर विश्वास करे और बिना किसी भेदभाव के उसका सम्मान करें ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed