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Kanpur News: पांच सफारी पार्क का आनंद ले रहे सैलानी, टाइगर के भी दीदार कराने की तैयारी
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इटावा। 2017 में शुरू हुए सफारी पार्क में लॉयन सफारी के साथ अब पांच सफारियों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। पर्यटकों को इस समय बब्बर शेर, तेंदुए, हिरन, काले हिरन, बारहसिंघा के साथ भालू के भी दीदार हो रहे हैं। सफारी पार्क प्रबंधन अब टाइगर सफारी शुरू कराने के लिए तेजी से जुटा है। इसी माह टाइगर सफारी के लिए सफारी में मानकों को परखने भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम आएगी। टीम की संस्तुति के बाद टाइगर सफारी बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
कभी डाकुओं की गोलियों की गड़गड़ाहट से पहचाना जाने वाला जिला अब देश के मानचित्र पर बब्बर शेरों की दहाड़ के लिए पहचाना जा रहा है। 2017 में औपचारिक रूप से शुरू हुआ सफारी पार्क अब लगभग 350 वन्यजीवों से इसकी शोभा बढ़ाए हुए है। 19 बब्बर शेर, लगभग 24 तेंदुए समेत कई विशिष्ट प्रजातियों के वन्यजीव इस समय पर्यटकों को लुभा रहे हैं। सफारी निदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि सामान्य दिनों में 300 से 325 तक पर्यटक आते हैं। इन दिनों लगभग 400 से 450 पर्यटक प्रतिदिन आ रहे हैं। नई साल या अन्य विशिष्ट दिनों में 1500 से 2000 तक पर्यटक आते हैं। इनके लिए जिनॉन के साथ बसों का पर्याप्त इंतजाम किया जाता है।
लॉयन सफारी : 19 बब्बर शेर-शेरनियां, इनमें से पांच के कराए जाते हैं दीदार
50 हेक्टेयर क्षेत्र में सफारी पार्क बना हुआ है। सफारी में इस समय कुल 19 बब्बर शेर और शेरनियां हैं। चार शेरनियों रूपा, गार्गी, सोना, नीरजा के साथ एक शेर कान्हा को पर्यटकों के लिए छोड़ा जाता है। पर्यटक खुले में इन शेरों को देखकर आनंदित होते हैं। अन्य शेर-शेरनियों को ब्रीडिंग सेंटर और एनीमल हाउस में रखा जाता है।
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लैपर्ड सफारी : 24 तेंदुए, पांच तेंदुओं के शावकों को देख सकते हैं पर्यटक
21 हेक्टेयर में लैपर्ड सफारी बनी हुई है। इस सफारी पार्क में अन्य जनपदों से रेस्क्यू करके लाए गए तेंदुओं को उपचार के लिए भी लाया जाता है। वर्तमान में इस सफारी पार्क में 24 तेंदुए हैं। इन्हें क्राल (बाड़ा) में रखा गया है। पर्यटक अभी तक सभी तेंदुओं को इन बाड़ों में ही देखते थे। अब पांच हेक्टेयर क्षेत्र में पांच तेंदुओं के शावक लखन, सिया, राबर्ट, शैलजा व भरत को सफारी का शुभारंभ करके खुलेआम छोड़ा गया है।
डियर सफारी : दो बारासिंघा और 115 हिरन बढ़ा रहे रौनक
31 हेक्टेयर में बने इस सफारी पार्क को सबसे पहले शुरू किया गया था। इस सफारी पार्क में वर्तमान में लगभग 115 हिरन, दो बारासिंघा, 16 सांभर हैं। इनकी उछलकूद देखने के लिए पर्यटक उत्साहित रहते हैं। बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा यही सफारी भाती है।
एंटीलोप (मृग सफारी) : 150 काले हिरन बढ़ाए हैं शोभा
एंटीलोप सफारी भी 2017 में ही डियर सफारी के साथ शुरू हो गई थी। इस सफारी में इस समय लगभग 150 काले हिरन हैं, जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सफारी आने वाले पर्यटक इस सफारी में भी खूब समय बिताते हैं। उन्हें यहां काले हिरनों के साथ वाहन में बैठे-बैठे फोटो करने का भी आसानी से मौका मिल जाता है।
स्लॉथ बीयर सफारी : छह सर्वाहारी भालू बने आकर्षण का केंद्र
21 हेक्टेयर में बनी इस सफारी में विशेष प्रजाति स्लॉथ (सर्वाहारी ) के छह भालू मौजूद हैं। पर्यटक इन्हें भी विचरण करते देखकर आनंदित होते हैं। इस सफारी में भालुओं के बैठने के आर्टीफीशियल गुफाएं बनी हुई हैं। इनमें भी भालू बैठे नजर आते हैं। शुरुआत में इस सफारी में सिर्फ एक ही भालू थे।
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कभी डाकुओं की गोलियों की गड़गड़ाहट से पहचाना जाने वाला जिला अब देश के मानचित्र पर बब्बर शेरों की दहाड़ के लिए पहचाना जा रहा है। 2017 में औपचारिक रूप से शुरू हुआ सफारी पार्क अब लगभग 350 वन्यजीवों से इसकी शोभा बढ़ाए हुए है। 19 बब्बर शेर, लगभग 24 तेंदुए समेत कई विशिष्ट प्रजातियों के वन्यजीव इस समय पर्यटकों को लुभा रहे हैं। सफारी निदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि सामान्य दिनों में 300 से 325 तक पर्यटक आते हैं। इन दिनों लगभग 400 से 450 पर्यटक प्रतिदिन आ रहे हैं। नई साल या अन्य विशिष्ट दिनों में 1500 से 2000 तक पर्यटक आते हैं। इनके लिए जिनॉन के साथ बसों का पर्याप्त इंतजाम किया जाता है।
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लॉयन सफारी : 19 बब्बर शेर-शेरनियां, इनमें से पांच के कराए जाते हैं दीदार
50 हेक्टेयर क्षेत्र में सफारी पार्क बना हुआ है। सफारी में इस समय कुल 19 बब्बर शेर और शेरनियां हैं। चार शेरनियों रूपा, गार्गी, सोना, नीरजा के साथ एक शेर कान्हा को पर्यटकों के लिए छोड़ा जाता है। पर्यटक खुले में इन शेरों को देखकर आनंदित होते हैं। अन्य शेर-शेरनियों को ब्रीडिंग सेंटर और एनीमल हाउस में रखा जाता है।
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लैपर्ड सफारी : 24 तेंदुए, पांच तेंदुओं के शावकों को देख सकते हैं पर्यटक
21 हेक्टेयर में लैपर्ड सफारी बनी हुई है। इस सफारी पार्क में अन्य जनपदों से रेस्क्यू करके लाए गए तेंदुओं को उपचार के लिए भी लाया जाता है। वर्तमान में इस सफारी पार्क में 24 तेंदुए हैं। इन्हें क्राल (बाड़ा) में रखा गया है। पर्यटक अभी तक सभी तेंदुओं को इन बाड़ों में ही देखते थे। अब पांच हेक्टेयर क्षेत्र में पांच तेंदुओं के शावक लखन, सिया, राबर्ट, शैलजा व भरत को सफारी का शुभारंभ करके खुलेआम छोड़ा गया है।
डियर सफारी : दो बारासिंघा और 115 हिरन बढ़ा रहे रौनक
31 हेक्टेयर में बने इस सफारी पार्क को सबसे पहले शुरू किया गया था। इस सफारी पार्क में वर्तमान में लगभग 115 हिरन, दो बारासिंघा, 16 सांभर हैं। इनकी उछलकूद देखने के लिए पर्यटक उत्साहित रहते हैं। बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा यही सफारी भाती है।
एंटीलोप (मृग सफारी) : 150 काले हिरन बढ़ाए हैं शोभा
एंटीलोप सफारी भी 2017 में ही डियर सफारी के साथ शुरू हो गई थी। इस सफारी में इस समय लगभग 150 काले हिरन हैं, जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सफारी आने वाले पर्यटक इस सफारी में भी खूब समय बिताते हैं। उन्हें यहां काले हिरनों के साथ वाहन में बैठे-बैठे फोटो करने का भी आसानी से मौका मिल जाता है।
स्लॉथ बीयर सफारी : छह सर्वाहारी भालू बने आकर्षण का केंद्र
21 हेक्टेयर में बनी इस सफारी में विशेष प्रजाति स्लॉथ (सर्वाहारी ) के छह भालू मौजूद हैं। पर्यटक इन्हें भी विचरण करते देखकर आनंदित होते हैं। इस सफारी में भालुओं के बैठने के आर्टीफीशियल गुफाएं बनी हुई हैं। इनमें भी भालू बैठे नजर आते हैं। शुरुआत में इस सफारी में सिर्फ एक ही भालू थे।