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Kanpur News: असफल प्रयोगों का डेटा बैंक भी सुरक्षित रखें
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कानपुर। सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग के बैनर तले आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आईसीएएलएस-2026 का समापन हो गया। सम्मेलन के अंतिम दिन की शुरुआत में प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित जैविक पुनर्जागरण के नए युग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्वदेशी वैज्ञानिक डेटा बैंक के निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि डेटा बैंक में सफल ही नहीं बल्कि असफल प्रयोगों के परिणाम भी सुरक्षित रखे जाएं ताकि भविष्य के शोध के लिए उपयोगी डेटा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आईसीएएलएस-2026 का उद्देश्य वैज्ञानिक शोध के माध्यम से समाज की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करना है और यह मिशन भविष्य में भी जारी रहेगा। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मीनल राठौर ने रोग-प्रतिरोधी दलहन की किस्मों के विकास के लिए जीन एडिटिंग और आणविक प्रजनन तकनीकों के संबंध में बताया। इसके अलावा डॉ. अनूप कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि दलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. गिरीश प्रसाद दीक्षित ने प्रयोगशाला से खेत तक शोध को पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।प्रतिभागियों ने 24 मौखिक शोध प्रस्तुतियां तथा 90 शोध पोस्टर प्रस्तुत किए। विभिन्न विषयों में छह सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुतियों तथा 10 सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। ओवरऑल बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटेशन अवार्ड नीतू सिंह को प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. सोनी गुप्ता, डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. आलोक के. पांडेय आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि डेटा बैंक में सफल ही नहीं बल्कि असफल प्रयोगों के परिणाम भी सुरक्षित रखे जाएं ताकि भविष्य के शोध के लिए उपयोगी डेटा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आईसीएएलएस-2026 का उद्देश्य वैज्ञानिक शोध के माध्यम से समाज की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करना है और यह मिशन भविष्य में भी जारी रहेगा। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मीनल राठौर ने रोग-प्रतिरोधी दलहन की किस्मों के विकास के लिए जीन एडिटिंग और आणविक प्रजनन तकनीकों के संबंध में बताया। इसके अलावा डॉ. अनूप कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए।
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समापन समारोह के मुख्य अतिथि दलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. गिरीश प्रसाद दीक्षित ने प्रयोगशाला से खेत तक शोध को पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।प्रतिभागियों ने 24 मौखिक शोध प्रस्तुतियां तथा 90 शोध पोस्टर प्रस्तुत किए। विभिन्न विषयों में छह सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुतियों तथा 10 सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। ओवरऑल बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटेशन अवार्ड नीतू सिंह को प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. सोनी गुप्ता, डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. आलोक के. पांडेय आदि रहे।
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