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महाना के कार्यालय के बाहर हंगामा: पांच लोग गिरफ्तार, भड़के सपाई, बोले- मंत्री के दबाव में हो रही एकतरफा कार्रवाई

Sun, 03 Oct 2021 09:30 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 03 Oct 2021 09:30 PM IST
सार

सपाइयों ने आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव के चलते कार्रवाई की जा रही है, जबकि विवाद और गालीगलौज दोनों ओर से हुई। उनके पास भी इसके सुबूत हैं। 

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Ruckus outside Cabinet Minister Satish Mahana office, Five people arrested
सपाइयों ने चकेरी थाने में किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के लाल बंगला में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के कार्यालय के बाहर हुए हंगामे में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद पांचों को जेल भेज दिया। वहीं गिरफ्तारी के विरोध में 25-30 सपाइयों ने चकेरी थाने पहुंचकर हंगामा किया।
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आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव के चलते कार्रवाई की जा रही है, जबकि विवाद और गालीगलौज दोनों ओर से हुई। उनके पास भी इसके सुबूत हैं। बता दें एक दिन पहले हुए हंगामे में पुलिस ने सरदार फतेह बहादुर सिंह गिल और अजीत यादव को नामजद करते हुए 300 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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मामले में रविवार को थाने पहुंचे सपा ग्रामीण के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह यादव, पार्षद अर्पित यादव, गोल्डी यादव, पार्षद पति मनोज यादव ने इंस्पेक्टर और एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक से कहा कि पकड़े गए लोग अपराधी नहीं हैं। मंत्री के पास बात रखने आए थे।
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बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का गेट बंद कर गाली बकनी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से विवाद हुआ। तोड़फोड़ का भी आरोप गलत है। एसीपी कैंट ने उच्च अफसरों से बात करने की बात कही। हालांकि कोई हल नहीं निकला और अंत में टिकरा पैगंबरपुर निवासी घनश्याम सिंह (36), चकेरी के काजीखेड़ा निवासी शिवांश राजपूत (24), कृष्णापुरम निवासी गोपाल तिवारी (25), सदानंद नगर निवासी आशीष भदौरिया (21), धीरेंद्र चौहान (35) को जेल भेज दिया गया। वहीं मुख्य आरोपी फतेह बहादुर सिंह गिल के फरार होने से कार्यकर्ताओं में मायूसी है। उनका कहना है कि साथ में रहकर उन्हें भी गिरफ्तारी देनी चाहिए।

कांशीराम अस्पताल में बवाल हुआ तो देर से आऊंगी
कांशीराम अस्पताल में दोपहर को पुलिस पांचों आरोपियों को लेकर मेडिकल कराने पहुंची। इसी बीच इमरजेंसी में एक मरीज आ गया। इमरजेंसी मेडिकल अफसर जनरल सर्जन डॉ. बसंत लाल उसे देखने लगे। इस पर कृष्णा नगर चौकी इंचार्ज निशा यादव भड़क गईं। बोली कि अब जब कांशीराम अस्पताल में कोई बवाल होगा तो देर से आएंगी। फिर उन्होंने अस्पताल के एक सीनियर चिकित्सक से जल्द मेडिकल कराने के लिए फोन किया।

गांधीगीरी के नाम पर गाली गलौज करने आए थे सपाई 
मंत्री के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के जरिये प्रदर्शनकारियों पर गुस्सा उतारा। प्रदर्शनकारियों का वीडियो भी वायरल किया। इसमें एक नेता गाली देते हुए मंत्री को बाहर बुलाने की बात कह रहा है। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना का कहना है कि वे लोग गांधीगीरी के नाम पर गालीगलौज और हंगामा करने आए थे। मुझसे विकास कार्यों को हिसाब लेन आए थे। कहा कि उन्हें जो भी हिसाब देना है, वह जनता के बीच जाकर देंगे। ऐसे लोग सिर्फ अपनी गंदी राजनीति चमकाने के लिए ऐसी घटिया हरकत करते हैं। इन लोगों ने किसी के घर पर जबरन आकर हंगामा किया है। इसे लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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