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सेवा के नाम पर धर्म परिवर्तन करवाना पाप, राष्ट्रद्रोही का समर्थन भी राष्ट्रद्रोह- सुरेश चंद्र
Mon, 10 Jun 2019 10:50 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 10 Jun 2019 10:50 PM IST
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मंच पर मौजूद कृष्ण मोहन, डॉक्टर देवेंद्र कुमार अरोड़ा, सुरेश चंद्र और हरमेश चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वयं संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश चंद्र ने यूपी के हरदोई जिले में कहा कि संघ का द्वेष राष्ट्रद्रोही शक्तियों और उनकी गतिविधियों से है। आतंकवाद को संरक्षण देना राष्ट्रद्रोह है और राष्ट्रद्रोही को समर्थन देना भी राष्ट्रद्रोह है। सुरेश चंद्र ने सोमवार शाम अल्लीपुर के डॉक्टर राममनोहर लोहिया महाविद्यालय परिसर में चल रहे अवध प्रांत के 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि संघ धर्मांतरण का विरोधी है। दुखी की सेवा करने का अधिकार सबको है, लेकिन सेवा के नाम पर धर्म परिवर्तन करवाना बहुत बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि जो शक्तियां राष्ट्र को गुलाम बनाने के लिए वर्षों से प्रयास कर रही हैं, वह आज विश्व में हिंदुत्व की शक्ति को देखकर परेशान हैं। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि हिंदू समाज को तोड़ने का षड्यंत्र कहीं भी सफल न हो पाए।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव में हिंदू समाज को जागृत कर एक रखने का दायित्व सभी का है। समारोह की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉक्टर देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने की। मंच पर सहप्रांत संघ चालक डॉक्टर हरमेश चौहान, वर्गाधिकारी कृष्ण मोहन और वर्ग कार्यवाह आनंद मूर्ति उपस्थित रहे। समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वयं सेवकों ने विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन भी किया। इनमें घोष, नियुद्ध, पद विन्यास, दंडयुद्ध, योग, आसन और खेल शामिल रहे।
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मुख्य वक्ता अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुरेश चंद्र ने संघ के सेवा भाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि जब भी देश के सामने सामाजिक संकट आए तो स्वयं सेवकों ने तन, मन, धन से संकट से बचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि युद्ध का समय रहा हो या फिर आपातकाल, हमेशा ही संघ के स्वयं सेवकों ने संघर्ष किया और देश को बचाया।
संघ की दृष्टि से कई जनपदों के स्वयं सेवकों ने 20 दिन तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें रायबरेली, लालगंज, लखनऊ, उन्नाव, लवकुश नगर, हरदोई, सीतापुर, बिसवां, लखीमपुर, गोला, गोंडा, बहराइच, नंदनीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या, साकेत, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, रामसनेही घाट, लखनऊ उत्तर, लखनऊ दक्षिण, लखनऊ पूरब और लखनऊ पश्चिम शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि संघ धर्मांतरण का विरोधी है। दुखी की सेवा करने का अधिकार सबको है, लेकिन सेवा के नाम पर धर्म परिवर्तन करवाना बहुत बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि जो शक्तियां राष्ट्र को गुलाम बनाने के लिए वर्षों से प्रयास कर रही हैं, वह आज विश्व में हिंदुत्व की शक्ति को देखकर परेशान हैं। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि हिंदू समाज को तोड़ने का षड्यंत्र कहीं भी सफल न हो पाए।
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उन्होंने कहा कि गांव-गांव में हिंदू समाज को जागृत कर एक रखने का दायित्व सभी का है। समारोह की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉक्टर देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने की। मंच पर सहप्रांत संघ चालक डॉक्टर हरमेश चौहान, वर्गाधिकारी कृष्ण मोहन और वर्ग कार्यवाह आनंद मूर्ति उपस्थित रहे। समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वयं सेवकों ने विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन भी किया। इनमें घोष, नियुद्ध, पद विन्यास, दंडयुद्ध, योग, आसन और खेल शामिल रहे।
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मुख्य वक्ता अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुरेश चंद्र ने संघ के सेवा भाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि जब भी देश के सामने सामाजिक संकट आए तो स्वयं सेवकों ने तन, मन, धन से संकट से बचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि युद्ध का समय रहा हो या फिर आपातकाल, हमेशा ही संघ के स्वयं सेवकों ने संघर्ष किया और देश को बचाया।
संघ की दृष्टि से कई जनपदों के स्वयं सेवकों ने 20 दिन तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें रायबरेली, लालगंज, लखनऊ, उन्नाव, लवकुश नगर, हरदोई, सीतापुर, बिसवां, लखीमपुर, गोला, गोंडा, बहराइच, नंदनीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या, साकेत, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, रामसनेही घाट, लखनऊ उत्तर, लखनऊ दक्षिण, लखनऊ पूरब और लखनऊ पश्चिम शामिल हैं।