Ronil Murder Mystery: पिता खुद करते थे तहकीकात, संदिग्धों से भी की पूछताछ, विकास से भी किए सवाल-जवाब
रोनिल हत्याकांड की तफ्तीश के दौरान पुलिस के साथ छात्र के पिता संजय सरकार हर दिन सुबह से ही लग जाते थे। बेटे के कातिल तक पहुंचने के लिए खुद भी तफ्तीश करते थे। उन्होंने कई संदिग्धों से भी पूछताछ की। साथ ही, आरोपी विकास से भी सवाल-जवाब किए।
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कानपुर में इकलौते बेटे रोनिल को खोने के बाद पिता संजय सरकार पूरी तरह से टूट गए थे। वह हर दिन किसी न किसी अधिकारी के पास जाकर न्याय की गुहार लगाते थे। उनका मकसद था कि अब किसी तरह से बेटे का कातिल पकड़ा जाए। इसके लिए उन्होंने हार नहीं मानी।
जब पुलिस टीम को लीड मिली, तो संजय सरकार हर दिन सुबह टीम की तफ्तीश में शामिल होते थे। संदिग्धों से पूछताछ करते थे। एक-एक साक्ष्य जुटाने में भी वह पुलिस की मदद में लगे रहे। आखिर में जब आरोपी पकड़ा गया, तो उनको सुकून मिला।
करीब एक सप्ताह पहले जब पुलिस के हाथ सुराग लगा, तो इस बारे में संजय सरकार को अफसरों ने बताया। संजय तब से लगातार पुलिस के संपर्क में रहे। छात्रा से भी उनकी मौजूदगी में पूछताछ की गई। विकास से उन्होंने खुद ही सवाल जवाब किए।
संजय ने खुलासे पर कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। किसी तरह की शंका नहीं है। बस अब ये जांच का विषय है कि क्या कोई और इसमें शामिल या नहीं। उनका कहना है कि यह यकीन नहीं हो रहा है कि वारदात को सिर्फ एक ही आरोपी ने अंजाम दिया।
मां बोली..जो मेरे बेटे के साथ हुआ वही उसके कातिल के साथ हो
रोनिल की मां मीता ने भी पुलिस की कार्रवाई से संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि मेरे बेकसूर बेटे को इतनी कम उम्र में मार दिया गया। वही मेरा इकलौता सहारा था। हम यही चाहते हैं कि जो मेरे बेटे के साथ हुआ वही उसके कातिल के साथ हो। उसको फांसी की सजा मिले।
बरामदगी बेहद अहम
पुलिस ने आरोपी विकास के पास से रोनिल का आधार कार्ड, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, रोनिल व छात्रा की फोटो को बरामद किया है। साथ ही वारदात के वक्त जो कपड़े विकास ने पहने थे वह भी पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिए हैं। पुलिस का दावा है कि ये सभी साक्ष्य बेहद अहम साबित होंगे।
कमिश्नरी के एक्सपर्ट हो गए फेल
कमिश्नरी पुलिस के एक्सपर्ट केस में कई मायने में फेल साबित हुए। विकास व छात्रा का मोबाइल उन्होंने भी खंगाला। क्राइम ब्रांच ने भी हाथ आजमाए लेकिन कोई भी व्हाट्सएप चैट रिकवर नहीं कर सका। एक तरह से विकास को क्लीन चिट ही मिल गई थी। तब पुलिस कमिश्नर ने साइबर एक्सपर्ट से संपर्क कर उनकी टीम बुलाई। तीन चार दिन की मशक्कत के बाद टीम ने चैट रिकवर की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की सुनवाई कराने का होगा प्रयास
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि घटना बेहद गंभीर थी। स्कूली छात्र से जुड़ी वारदात है। इसमें मजबूती के साथ पैरवी की जाएगी। मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले, इसकी भी अनुमति ली जाएगी। अनुमति मिलने पर प्रयास रहेगा कि अधिकतर एक साल के भीतर केस का निर्णय आ जाए।