यूपी: सिग्नल फेल करके जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस में लूटपाट से मचा हड़कंप, फंसी रहीं कई ट्रेनें
जीएमसी में आरपीएफ की कार्यशाला में आए प्रयागराज से आरपीएफ के कमांडेंट ने घटनास्थल का मुआयना किया। लूट की रिपोर्ट जीआरपी में और सिग्नल केबल काटने और रेल संपत्ति को क्षति पहुंचाने की रिपोर्ट पनकी आरपीएफ थाने में दर्ज की गई है। ट्रेन के प्रयागराज पहुंचने पर यात्रियों ने हंगामा भी किया।
सोमवार देर रात जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस के आने के पहले सिग्नल केबल काट दी गई। इससे इस सेक्शन पर सिग्नल फेल हो गए। जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस पनकी स्टेशन के पास रुक गई। इस बीच एस-7 कोच में बैठीं मीना उर्फ सुलेखा मालवीय का पर्स छीन लिया गया। इसमें मोबाइल और करीब पांच हजार रुपये थे। इसके बाद जनरल कोच से भी चार यात्रियों के मोबाइल और पर्स छीन लिए गए। पीड़िता प्रयागराज की रहने वाली है और उसने प्रयागराज जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जीआरपी-आरपीएफ की शह पर फलते फूलते हैं अपराधी
कानपुर और उसकेआसपास लूटपाट, चोरी, डकैती, जहरखुरानी से लेकर अवैध वेंडरिंग करने वाले जीआरपी और आरपीएफ की शह पर फलते फूलते हैं। भले ही इन दोनों फोर्स का काम रेलवे अपराध को रोकना हो लेकिन इसमें शामिल कई सिपाही और कर्मचारियों की समय समय पर इन अपराधियों के साथ सांठ-गांठ और मिलीभगत के मामले सामने आते रहे हैं।
सिग्नल फेल कर अपराध करना दुस्साहसिक
आम तौर पर ट्रेनों में चोरी, लूटपाट और डकैती की घटनाएं सामने आती रहती हैं लेकिन सिग्नल केबल को काटकर सिग्नल फेल करना और फिर लूटपाट करना एक दुस्साहसिक घटना है। पीड़ितों का जीआरपी प्रयागराज के बाहर हंगामा करने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
यहां जीआरपी और आरपीएफ के कुछ अफसरों ने मामले को दबाने का प्रयास किया लेकिन प्रयागराज से आए कमांडेंट अंमरीष कुमार का पनकी और दादा नगर जाकर मौका मुआयना करने से मामला खुला। इस तरह की घटना के बाद किसी भी संगीन अपराध को अंजाम दिया जा सकता था। पनकी के आसपास देर रात सिग्नल केबल काटने से यह साफ हो गया है कि यहां पर नाइट पेट्रोलिंग जैसी कोई हरकत नहीं होती है।