रिंग रोड: नगर, देहात में जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी, नहीं बेच पाएंगे जमीन
मंधना से सचेंडी, रमईपुर, चकेरी तक के गांवों की जमीनों को अधिग्रहीत किया जाएगा। काश्तकारों को सूचना दे दी गई है। इस जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। रिंग रोड के दायरे में आ रही जमीन का ड्रोन से सर्वे पहली बार कराया गया है।
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एनएचएआई ने रिंग रोड के दायरे में आ रही नगर और देहात जिले की जमीन अधिग्रहीत करने की अधिसूचना जारी कर दी है। अब इस जमीन को काश्तकार बेच नहीं पाएंगे, यदि निर्माण कराया तो उसका मुआवजा भी नहीं मिलेगा। रिंग रोड के दायरे में आ रही उन्नाव जिले की जमीन के लिए भी 10 दिन के भीतर अधिसूचना जारी करने की तैयारी की जा रही है।
नगर, देहात और उन्नाव जिले में 93.5 किलोमीटर का रिंग रोड बनना है। इसे छह लेन का बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिंग रोड का करीब 66 किलोमीटर हिस्सा नगर जिले में, चार किलोमीटर हिस्सा देहात जिले में और शेष निर्माण उन्नाव जिले में होना है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार रिंग रोड के लिए नगर और देहात जिले में जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मंधना से सचेंडी, रमईपुर, चकेरी तक के गांवों की जमीनों को अधिग्रहीत किया जाएगा। काश्तकारों को सूचना दे दी गई है। इस जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। रिंग रोड के दायरे में आ रही जमीन का ड्रोन से सर्वे पहली बार कराया गया है। चूंकि जमीन के अलावा निर्माण का दो गुना मुआवजा मिलता है। इसलिए अब यदि कोई अतिरिक्त निर्माण कराएगा तो उसका मुआवजा नहीं दिया जाएगा, क्योंकि ऐसे दावों का वीडियोग्राफी से मिलान किया जाएगा। नवंबर से काश्तकारों को जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। उसी महीने टेंडर भी कराए जाएंगे। अगले साल की शुरुआत में निर्माण शुरू कराने की योजना बनाई गई है।