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बीपीएड प्रवेश में धांधली, परीक्षा पर रोक
अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 01 Sep 2015 02:30 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध बैचलर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (बीपीएड) 2014-15 की एडमिशन प्रक्रिया में धांधली पकड़ी गई है।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की नियमावली को दरकिनार करते हुए नगर, देहात के कॉलेजों में फर्जी खेल प्रमाण पत्र, बिना एंट्रेंस और फिजिकल फिटनेस टेस्ट के ही बीपीएड की सीटें भर ली गईं। ज्यादातर खेल प्रमाण पत्र स्कैन करके लगाए गए हैं।
इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार को एक मीटिंग करके बीपीएड की परीक्षा कराने पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि सीधे एडमिशन लेने वाले छात्रों के एग्जाम फार्म नहीं भरवाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी से संबद्ध 19 बीपीएड महाविद्यालय हैं। इनकी 950 सीटें (हर कॉलेज की 50-50 सीटें) नियम-मानक दरकिनार करके सीधे भर ली गईं।
अमर शहीद कॉलेज फतेहपुर ने बीपीएड, एमपीएड की ज्यादातर सीटें जम्मू कश्मीर के छात्रों से भरी हैं। नियमानुसार बाहरी छात्रों को निर्धारित दो फीसदी से ज्यादा सीटें नहीं दी जा सकती हैं। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन का कहना है कि 30 सितंबर 2014 को ही बीपीएड में सीधे एडमिशन पर रोक लगाई गई थी।
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इसके बावजूद कॉलेज संचालकों ने धांधली और मनमानी की। अब बीपीएड के एडमिशन और परीक्षा से संबंधित डाटा यूनिवर्सिटी में जमा कराने पर रोक लगा दी है। साथ ही परीक्षा न कराने का फैसला किया है।
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नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की नियमावली को दरकिनार करते हुए नगर, देहात के कॉलेजों में फर्जी खेल प्रमाण पत्र, बिना एंट्रेंस और फिजिकल फिटनेस टेस्ट के ही बीपीएड की सीटें भर ली गईं। ज्यादातर खेल प्रमाण पत्र स्कैन करके लगाए गए हैं।
इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार को एक मीटिंग करके बीपीएड की परीक्षा कराने पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि सीधे एडमिशन लेने वाले छात्रों के एग्जाम फार्म नहीं भरवाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी से संबद्ध 19 बीपीएड महाविद्यालय हैं। इनकी 950 सीटें (हर कॉलेज की 50-50 सीटें) नियम-मानक दरकिनार करके सीधे भर ली गईं।
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अमर शहीद कॉलेज फतेहपुर ने बीपीएड, एमपीएड की ज्यादातर सीटें जम्मू कश्मीर के छात्रों से भरी हैं। नियमानुसार बाहरी छात्रों को निर्धारित दो फीसदी से ज्यादा सीटें नहीं दी जा सकती हैं। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन का कहना है कि 30 सितंबर 2014 को ही बीपीएड में सीधे एडमिशन पर रोक लगाई गई थी।
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इसके बावजूद कॉलेज संचालकों ने धांधली और मनमानी की। अब बीपीएड के एडमिशन और परीक्षा से संबंधित डाटा यूनिवर्सिटी में जमा कराने पर रोक लगा दी है। साथ ही परीक्षा न कराने का फैसला किया है।