तमाम दुश्वारियों के बाद विवाह बंधन में बंधी रिवॉल्वर रानी, ढूंढा ये शुभ मुहूर्त
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मुख्यालय के चौरादेवी में दोनों ने मंत्रोच्चारण के बाद सात फेरे लिए। एक दूसरे को वर माला डाल जीवन साथी बन गए। इस शादी के गवाह वर्षा की मां व अशोक के दोस्त बने। शादी का कार्यक्रम शिवसेना नेता रतन ब्रह्मचारी ने कराया।
बिरादरी के दवाब में 12 दिनों तक पंचायतें हुईं। लेकिन भवानी गांव के रामसजीवन सामाजिक बेइज्जती, बेटी भारती के दुल्हन बनने से वंचित होना बर्दाश्त नहीं कर सका। उसने दूल्हा अशोक, उसके पिता रामहेत, चाचा व भाई पर मुकदमा दर्ज करा दिया। तब पुलिस ने अशोक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। भारती को धोखा देने पर अशोक को पिछली 28 मई को जेल भेजा गया।
शादी के मंडप से अशोक को अगवा कर ले जाने वाली वर्षा ने मंदिर में शादी करने की बात कही थी। वह किसी भी कीमत पर प्रेमी अशोक के साथ घर बसाना चाहती थी। इधर जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर निकले अशोक के साथ मौजूद शिवसेना नेता रतन ब्रह्मचारी ने प्रेमीयुगल की शादी धूमधाम से करने का वचन दिया था। उसी के इन दोनों की मंदिर में ही शादी करा दी।