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कार्यालय में बैठकर बना दी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Wed, 13 May 2015 01:03 AM IST
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राज्य पोषण मिशन अंतर्गत कलक्ट्रेट सभाकक्ष में विशेष सचिव कारागार दिनेश कुमार सिंह ने गोद लिए गांवों के नोडल अधिकारियों, विकास दूतों व जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
विशेष सचिव ने गोद लिए गांवों के अधिकारियों से जब सवाल-जवाब किए तो हकीकत सामने आ ई। जिस पर सचिव ने फटकार लगाई।
मंगलवार को विशेष सचिव (कारागार) दिनेश कुमार सिंह ने जिलास्तरीय अधिकारियों के गोद लिए गांवों का निरीक्षण करने के बाद कलक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक की। विशेष सचिव ने कहा कि महिलाओं व छोटे बच्चों का पोषण स्तर पर सुधार लाकर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर एकरूपता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिसके चलते जिले में कुपोषण दूर करने के लिए गांव चिंहित किए गए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने गोद लिए गांवों के अधिकारियों से गांव में कुपोषण संबंधी जानकारी के लिए सवाल - जवाब किए। संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस दौरान विशेष सचिव ने पाया कि अप्रैल माह में कुछ नोडल अधिकारी गांवों में गए ही नहीं, और अपने कार्यालयों में बैठकर ही गांव की कुपोषण स्थिति का जायजा लेते रहे।
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जो अधिकारी गांव गए भी उन्होंने चेक लिस्ट के अनुरूप निरीक्षण नहीं किया। इसकी जानकारी लगते ही उन्होंने सभी अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाई। गोद लिए गांवों की रिपोर्ट में लापरवाही की स्थिति यह थी कि कई अधिकारियों को कुपोषित बच्चों के नाम तक नही मालूम थे।
विशेष सचिव ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि गोद लिए गांवों के अधिकारी निरीक्षण कार्य को गंभीरता से लें। कहा कि अधिकारियों को गांवों में जाकर प्रत्येक दशा में कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाना है।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव, सीएमओ रामआसरे सिंह, जिला विकास अधिकारी राजित राम मिश्रा, उपकृषि निदेशक रमाकांत तिवारी, जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू चंद्रा, डीआईओएस नंदलाल यादव सहित एसडीएम राजीव पांडेय, घनश्याम, मोहन सिंह, सूचना अधिकारी प्रमोद सहित नोडल अधिकारी, बीडीओ मौजूद रहे।
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विशेष सचिव ने गोद लिए गांवों के अधिकारियों से जब सवाल-जवाब किए तो हकीकत सामने आ ई। जिस पर सचिव ने फटकार लगाई।
मंगलवार को विशेष सचिव (कारागार) दिनेश कुमार सिंह ने जिलास्तरीय अधिकारियों के गोद लिए गांवों का निरीक्षण करने के बाद कलक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक की। विशेष सचिव ने कहा कि महिलाओं व छोटे बच्चों का पोषण स्तर पर सुधार लाकर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर एकरूपता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिसके चलते जिले में कुपोषण दूर करने के लिए गांव चिंहित किए गए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने गोद लिए गांवों के अधिकारियों से गांव में कुपोषण संबंधी जानकारी के लिए सवाल - जवाब किए। संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस दौरान विशेष सचिव ने पाया कि अप्रैल माह में कुछ नोडल अधिकारी गांवों में गए ही नहीं, और अपने कार्यालयों में बैठकर ही गांव की कुपोषण स्थिति का जायजा लेते रहे।
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जो अधिकारी गांव गए भी उन्होंने चेक लिस्ट के अनुरूप निरीक्षण नहीं किया। इसकी जानकारी लगते ही उन्होंने सभी अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाई। गोद लिए गांवों की रिपोर्ट में लापरवाही की स्थिति यह थी कि कई अधिकारियों को कुपोषित बच्चों के नाम तक नही मालूम थे।
विशेष सचिव ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि गोद लिए गांवों के अधिकारी निरीक्षण कार्य को गंभीरता से लें। कहा कि अधिकारियों को गांवों में जाकर प्रत्येक दशा में कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाना है।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव, सीएमओ रामआसरे सिंह, जिला विकास अधिकारी राजित राम मिश्रा, उपकृषि निदेशक रमाकांत तिवारी, जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू चंद्रा, डीआईओएस नंदलाल यादव सहित एसडीएम राजीव पांडेय, घनश्याम, मोहन सिंह, सूचना अधिकारी प्रमोद सहित नोडल अधिकारी, बीडीओ मौजूद रहे।