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लापरवाही: मरीज की मौत नौ बजे, खून का सैंपल लिया साढ़े 11 बजे... अस्पताल के एमडी समेत 13 पर रिपोर्ट
Tue, 26 Oct 2021 10:51 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 26 Oct 2021 10:51 AM IST
सार
कानपुर में मरीज के खून का नमूना लेने, इलाज में लापरवाही बरतने व धोखाधड़ी के मामले में 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोविड मरीज की मौत के बाद खून का नमूना लेने, इलाज में लापरवाही बरतने व धोखाधड़ी समेत अन्य आरोप लगाकर महिला ने मंधना स्थित एक मेडिकल कॉलेज के एमडी समेत 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक की पत्नी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन से मिले कागजों में पति की मौत 25 अप्रैल सुबह नौ बजे दिखाई गई है।
दूसरे कागजों से पता चला कि स्टाफ ने सुबह करीब 11:30 बजे उनके खून का सैंपल लिया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर बिठूर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आनंद बाग निवासी गीता तिवारी ने बताया कि 22 अप्रैल को पति आनंद शंकर तिवारी को कोविड की पुष्टि हुई थी।
उस वक्त ऑक्सीजन लेवल 91 था। देर रात उन्हें मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। दूसरे दिन तक वीडियो कॉल से उनसे बातचीत होती रही।
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दूसरे कागजों से पता चला कि स्टाफ ने सुबह करीब 11:30 बजे उनके खून का सैंपल लिया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर बिठूर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आनंद बाग निवासी गीता तिवारी ने बताया कि 22 अप्रैल को पति आनंद शंकर तिवारी को कोविड की पुष्टि हुई थी।
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उस वक्त ऑक्सीजन लेवल 91 था। देर रात उन्हें मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। दूसरे दिन तक वीडियो कॉल से उनसे बातचीत होती रही।
आरोप है कि आनंद ने वीडियो कॉल में अंदर की अव्यवस्था और डॉक्टर द्वारा उनकी सोने की चेन ले लेने के बारे में बताया था। इसके बाद कर्मचारियों ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया।
24 अप्रैल को मेडिकल बुलेटिन में आनंद की तबीयत में सुधार होने की जानकारी दी गई। इसके बाद 25 अप्रैल को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बाद में सिर्फ मोबाइल ही वापस किया गया।
24 अप्रैल को मेडिकल बुलेटिन में आनंद की तबीयत में सुधार होने की जानकारी दी गई। इसके बाद 25 अप्रैल को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बाद में सिर्फ मोबाइल ही वापस किया गया।
पीड़िता के अनुसार उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से सीएमएस से लेकर पुलिस अधिकारियों तक को अवगत कराया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तब उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
इसके बाद अस्पताल के एमडी, डायरेक्टर, यूनिट हेड, आईसीयू प्रमुख डॉ. आशीष, सीएमएस, पैथोलॉजिस्ट समेत 13 के खिलाफ लापरवाही, धोखाधड़ी, गैर इरादतन हत्या, आपदा प्रबंधन अधिनियम, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इसके बाद अस्पताल के एमडी, डायरेक्टर, यूनिट हेड, आईसीयू प्रमुख डॉ. आशीष, सीएमएस, पैथोलॉजिस्ट समेत 13 के खिलाफ लापरवाही, धोखाधड़ी, गैर इरादतन हत्या, आपदा प्रबंधन अधिनियम, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है।