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Kanpur News: बवाल में आईआरओ के संस्थापक गगन यादव समेत 120 के खिलाफ रिपोर्ट

Sat, 28 Jun 2025 12:40 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:40 AM IST
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Report filed against 120 people including IRO founder Gagan Yadav in the riot
इटावा। दांदरपुर गांव के बाहर बवाल करने वाले 19 युवकों को गिरफ्तार करने के बाद बकेवर पुलिस ने 120 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें युवकों को उकसाने के आरोप में इंडियन रिफार्मरस ऑर्गनाइजेशन (आईआरओ) के संस्थापक गगन यादव समेत 20 नामजद और 100 अज्ञात लोग शामिल हैं। इन पर 13 धाराएं लगाई गई हैं।
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बता दें कि गुरुवार को दोपहर में करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में युवक अहीर रेजीमेंट के बैनर के साथ बकेवर थाने पहुंचे थे। युवकों ने पुलिस को इंडियन रिफार्मरस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक गगन यादव के आह्वान पर पहुंचने की बात कहते हुए प्रदर्शन किया था। उन्होंने गगन यादव को आगरा में रोके जाने पर आक्रोश जताया था।
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प्रदर्शन करने के बाद युवकों ने कानपुर-आगरा हाईवे भी जाम किया था। पुलिस ने 15 मिनट बाद जाम खुलवाकर युवकों से लौटने के लिए कहा था, लेकिन युवक दांदरपुर गांव की ओर बढ़ने लगे थे। इस पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बवाल हो गया। पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। पुलिस ने बवाल करने वाले 19 युवकों को गिरफ्तार लिया था। पुलिस ने देर रात 120 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इंडियन रिफार्मरस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक गगन यादव पर युवकों को दांदरपुर गांव पहुंचने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
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बीएनएस की धारा 61 (गंभीर अपराध की साजिश करना), धारा 191(1) (हथियारों से दंगा करने का प्रयास), धारा 191 (3) (गैर-कानूनी सभा के सदस्य दंगे में किसी घातक हथियार से हमला करने के अपराध करते पाए जाते हैं), धारा 190 (समूह की ओर से बनाए गए उद्देश्य), धारा 352 (जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति का अपमान करना चाहिए। धारा 126 (2) (किसी के आने जाने में बाधा उत्पन्न करने पर), धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल उपयोग करना), धारा 121(2) (व्यवसाय के मालिक पर किसी सरकारी कर्मचारी को जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया जा सकता है), धारा 324 (5) (यदि कोई शरारत का अपराध करता है जिससे एक लाख रुपये या उससे अधिक की हानि या क्षति होती है), प्रोवेशन ऑफ डेमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1992 समेत 13 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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