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Kanpur News: पीछे छूट रहे छात्रों के साथ करना होगा उपचारात्मक शिक्षण
Wed, 16 Jul 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:38 AM IST
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भाषा शिक्षण पर प्रस्तुतिकरण देते हुई सरवनखेड़ा की एआरपी टीम।
- फोटो : स्रोत एसआरजी
कानपुर देहात। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और मजबूत बनाना है। जो बच्चे किन्हीं कारणों से पढ़ाई में पीछे छूट गए हैं, उन्हें उपचारात्मक शिक्षा देने की जरूरत है। ये बातें मंगलवार को डायट में चल रहे प्रशिक्षण के दौरान बीएसए ने प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों से कही।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पुखरायां में निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन एवं एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों का प्रशिक्षण चल रहा है। मंगलवार को प्रशिक्षण के दूसरे दिन रिमीडियल शिक्षण और भाषा सीखने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्रशिक्षण का निरीक्षण करने पहुंचे बीएसए अजय कुमार मिश्र ने सभी प्रतिभागियों से गंभीरता के साथ प्रशिक्षण लेने और परियोजना द्वारा उपलब्ध विषय वस्तु को बीआरसी स्तर के प्रशिक्षण तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने बताया कि शिक्षक संदर्शिका के अनुसार शिक्षण कार्य कराया जाए। पीछे छूट रहे बच्चों का आकलन कर उनके लिए योजनाएं बनाकर शिक्षण कार्य किया जाए। ऐसे बच्चों को कक्षा के अन्य बच्चों के समकक्ष लाने का प्रयास करें। एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि शासन द्वारा प्रत्येक छात्र को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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शिक्षक कक्षा शिक्षण में उनका समुचित रूप से उपयोग करते हुए बच्चों के लिए निर्धारित दक्षता को हासिल करने का प्रयास करें। प्रशिक्षण के दौरान अलग अलग ब्लॉक के एआरपी की टीम ने भाषा शिक्षण पर अपनी प्रस्तुति दी। यहां डीसी सौरभ श्रीवास्तव, डायट मेंटर जगदंबा त्रिपाठी, विपिन कुमार शांत, ब्लॉक स्तरीय संदर्भ दाता कंचन कामिनी, मानवेंद्र सिंह, हर्षा नागपाल, महाराज सिंह, प्रतीक्षा त्रिपाठी आदि रहीं।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पुखरायां में निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन एवं एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों का प्रशिक्षण चल रहा है। मंगलवार को प्रशिक्षण के दूसरे दिन रिमीडियल शिक्षण और भाषा सीखने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्रशिक्षण का निरीक्षण करने पहुंचे बीएसए अजय कुमार मिश्र ने सभी प्रतिभागियों से गंभीरता के साथ प्रशिक्षण लेने और परियोजना द्वारा उपलब्ध विषय वस्तु को बीआरसी स्तर के प्रशिक्षण तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
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एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने बताया कि शिक्षक संदर्शिका के अनुसार शिक्षण कार्य कराया जाए। पीछे छूट रहे बच्चों का आकलन कर उनके लिए योजनाएं बनाकर शिक्षण कार्य किया जाए। ऐसे बच्चों को कक्षा के अन्य बच्चों के समकक्ष लाने का प्रयास करें। एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि शासन द्वारा प्रत्येक छात्र को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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शिक्षक कक्षा शिक्षण में उनका समुचित रूप से उपयोग करते हुए बच्चों के लिए निर्धारित दक्षता को हासिल करने का प्रयास करें। प्रशिक्षण के दौरान अलग अलग ब्लॉक के एआरपी की टीम ने भाषा शिक्षण पर अपनी प्रस्तुति दी। यहां डीसी सौरभ श्रीवास्तव, डायट मेंटर जगदंबा त्रिपाठी, विपिन कुमार शांत, ब्लॉक स्तरीय संदर्भ दाता कंचन कामिनी, मानवेंद्र सिंह, हर्षा नागपाल, महाराज सिंह, प्रतीक्षा त्रिपाठी आदि रहीं।