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रेमडेसिविर प्रकरण: हैलट में 50 की सेवाएं समाप्त, सिस्टर इंचार्ज और फार्मेसिस्ट का इंक्रीमेंट रोका
Sat, 10 Jul 2021 12:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 10 Jul 2021 12:05 AM IST
सार
अमर उजाला ने 12 जून को हैलट के कोविड न्यूरो साइंस भवन में कोरोना के मृत मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी कराने का खुलासा किया था। जिलाधिकारी की जांच में इसकी पुष्टि भी हुई थी।
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हैलट में संक्रमण विभाग
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर हैलट में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद भी उनके नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज प्राचार्य डॉ. संजय काला ने शुक्रवार को आउटसोर्सिंग में तैनात 50 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के साथ ही तीन स्थायी कर्मियों का इंक्रीमेंट भी रोक दिया।
साथ ही कर्मियों को बर्खास्तगी की चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया गया। अमर उजाला ने 12 जून को हैलट के कोविड न्यूरो साइंस भवन में कोरोना के मृत मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी कराने का खुलासा किया था। जिलाधिकारी की जांच में इसकी पुष्टि भी हुई थी।
मामले में सिस्टर इंचार्ज अंजूलिका और फार्मेसिस्ट नागेंद्र वाजपेयी, संजीव सिंह निलंबित हो चुके हैं। मेडिकल कालेज के प्रवक्ता डॉ. गणेश शंकर ने बताया कि दो महीने पहले कोविड न्यूरो साइंस भवन में तैनात रहीं सिस्टर इंचार्ज अंजूलिका, फार्मेसिस्ट नागेंद्र वाजपेयी, संजीव सिंह के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए हैं।
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50 अन्य स्टाफ नर्सों, वार्डब्वाय, सफाई कर्मियों, गार्डों के खिलाफ भी आरोप सिद्ध हुए हैं। इसपर सिस्टर इंचार्ज और दोनों फार्मेसिस्टों का एक साल का इंक्रीमेंट रोक दिया गया है। दोषी पाए गए अन्य स्टाफ आउट सोर्सिंग में तैनात थे, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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साथ ही कर्मियों को बर्खास्तगी की चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया गया। अमर उजाला ने 12 जून को हैलट के कोविड न्यूरो साइंस भवन में कोरोना के मृत मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी कराने का खुलासा किया था। जिलाधिकारी की जांच में इसकी पुष्टि भी हुई थी।
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मामले में सिस्टर इंचार्ज अंजूलिका और फार्मेसिस्ट नागेंद्र वाजपेयी, संजीव सिंह निलंबित हो चुके हैं। मेडिकल कालेज के प्रवक्ता डॉ. गणेश शंकर ने बताया कि दो महीने पहले कोविड न्यूरो साइंस भवन में तैनात रहीं सिस्टर इंचार्ज अंजूलिका, फार्मेसिस्ट नागेंद्र वाजपेयी, संजीव सिंह के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए हैं।
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50 अन्य स्टाफ नर्सों, वार्डब्वाय, सफाई कर्मियों, गार्डों के खिलाफ भी आरोप सिद्ध हुए हैं। इसपर सिस्टर इंचार्ज और दोनों फार्मेसिस्टों का एक साल का इंक्रीमेंट रोक दिया गया है। दोषी पाए गए अन्य स्टाफ आउट सोर्सिंग में तैनात थे, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।